Image result for योग लोग, सऊदी अरब ने दिया खेल का दर्जारियाद: योग को अंतराष्ट्रीय मंत्र पर पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 जून को योग दिवस मनाने का फैसला किया था। लेकिन इसके बाद भी देश में योग को लेकर विवाद होते रहे तथा इसे धर्म से जोड़कर देखा जाने लगा। 

भारत में योग को आज भी धार्मिक चश्मे से देखा जाता है लेकिन कट्टर इस्लामी देश सऊदी अरब दिनों बड़े बदलावों से गुजर रहा है। यहां योग को सांप्रदायिकता के तौर पर नहीं बल्कि एक खेल के रूप में देखा जाता है। इसीलिए सऊदी अरब सरकार ने अब इसे एक खेल का दर्जा दे दिया है।

सऊदी अरब ने घोषणा की है कि अब योग को खेल गतिविधियों में शामिल कर लिया गया है। इस कदम का पूरा श्रेय नौउफ मारवाई को जाता है। सऊदी अरब के व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक योग करने इ‘छुक लोगों को संबंधित मंत्रालय से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। नउफ मारवी देश की पहली प्रमाणित योग शिक्षक बनी हैं। नउफ का मानना है कि योग शिक्षा का किसी व्यक्ति के धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

Image result for NSW CONTINUES TO DRIVE THE NATIONAL ECONOMYNSW has reinforced its status as the nation’s economic powerhouse by generating more than half of the growth in Australia’s domestic economic activity over the past financial year.

 

ABS figures released today show NSW, which has less than one-third of the national population, contributed more than 53 per cent of the nation’s average annual growth in domestic final demand in 2016-17.

 

The quarterly results showed that State Final Demand in NSW increased by 3.3 per cent in the 2016-17 financial year, the third consecutive financial year it has been above NSW’s long-term average growth rate of around three per cent.

 

Treasurer Dominic Perrottet said the persistent strength in our state’s demand – whether it be from business investment, residential construction or public infrastructure spending – is a testament to the sustainability of our economic progress.

 

“This government’s strong fiscal and economic management, along with our large infrastructure agenda, has fuelled activity across our diverse economy by creating jobs and improving confidence,” Mr Perrottet said.

 

“Today’s results are further evidence of the NSW economy playing a central role in driving economic growth in the nation, at a time when the decline mining investment has crippled the economies of some states.

 

“This is in stark contrast to when we took office in 2011 and economic growth was almost half the pace, unemployment was above the national average and residential building approvals were less than half what they are today.”

 

The ABS noted that in the June 2017 quarter, all the major components of state final demand registered growth in NSW, including private and public investment, and household spending.

 

The diverse sources of economic growth is reflected in NSW’s strong labour market. NSW has had the lowest unemployment rate amongst the States for 26 consecutive months.

Image result for सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावतपाकिस्तान और चीन के साथ एक साथ दो मोर्चों पर जंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यह चेतावनी दी है.

नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक सेमिनार में जनरल रावत ने कहा, 'जंग सच्चाई से बहुत दूर नहीं है. यह मानना एक मिथक ही है कि परमाणु हथियारों से लैस या लोकतांत्रिक पड़ोसियों में जंग नहीं होगी.' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान का यह मानना है कि भारत उसका मुख्य दुश्मन है और उसने भारत के खिलाफ छद्म युद्ध तो चला ही रखा है. पाकिस्तान के साथ मतभेद दूर होने वाले नहीं हैं.'

हाल में भूटान के डोकलाम पठार में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए गतिरोध पर जनरल रावत ने कहा कि चीन ने अपनी आस्तीनें चढ़ानी शुरू कर दी है. चीन आगे भी भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर सकता है. चीन नए इलाकों पर धीरे-धीरे कब्जा जमाने की कोशिश कर हमारी सीमाओं और क्षमताओं की परीक्षा लेना चाहेगा और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर कभी भारत और चीन में जंग हुई तो पाकिस्तान इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है. उन्होंने कहा, 'हमें पूर्वी और पश्चिमी सेक्टर में टकराव के लिए तैयार रहना चाहिए.' उन्होंने कहा कि यह मान लेने से कि जंग नहीं होगा, हमारी सेनाओं के आधुनिकीकरण पर असर पड़ सकता है. इस तरह की सोच से सेना के लिए बजट आवंटन प्रभावित हो सकता है. उन्होंने कहा कि जंग सिर्फ सेना नहीं लड़ती बल्कि देश लड़ा करते हैं, इसलिए हमें इस सोच के अनुरूप ही अपने को तैयार रखना पड़ेगा. उन्होंने 'शोर मचाने वाली मीडिया' की चर्चा करते हुए कहा कि इसका भी निर्णय क्षमता पर असर पड़ता है.

 

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नई दिल्लीः सुप्रीम ने आज ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) से पूछा कि क्या महिलाओं को ‘निकाहनामा’ के समय ‘तीन तलाक’ को ‘न’ कहने का विकल्प दिया जा सकता है। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह भी कहा कि क्या सभी ‘काजियों’ से निकाह के समय इस शर्त को शामिल करने के लिए कहा जा सकता है।

कोर्ट ने सिब्बल से पूछे सवाल
पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर भी शामिल हैं। न्यायालय ने पूछा, ‘‘क्या यह संभव है कि मुस्लिम महिलाओं को निकाहनामा के समय ‘तीन तलाक’ को ‘ना’ कहने का विकल्प दे दिया जाए?’’ पीठ ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) की ओर से पैरवी कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से जवाब मांगते हुए कहा, ‘‘हमारी तरफ से कुछ भी निष्कर्ष न निकालें।’’

तीन तलाक, बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पीठ के समक्ष चल रही सुनवाई का आज पांचवां दिन है। पीठ में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी सहित विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्य शामिल हैं। इससे पहले मंगलवार को हुई सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि तीन तलाक का पिछले 1400 साल से जारी है। अगर राम का अयोध्या में जन्म होना, आस्था का विषय हो सकता है तो तीन तलाक का मुद्दा क्यों नहीं। कपिल सिब्बल ने कहा कि इस्लाम धर्म ने महिलाओं को काफी पहले ही अधिकार दिये हुए हैं। परिवार और पर्सनल लॉ संविधान के तहत हैं, यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

 

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नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी फोर्ब्स के 'ग्लोबल गेम चेंजर' की लिस्ट में टॉप स्थान हासिल करने में कामयाब हो गए हैं। फोर्ब्स ने बुधवार को 'ग्लोबल गेम चेंजर्स' की दूसरी एनुअल लिस्ट जारी की। लाखों लोगों की जिंदगी बदलने और इंडस्ट्री में बदलाव लाने वाले लोगों को इस सूची में जगह दी जाती है। इसमें मुकेश के अलावा दुनिया के 25 टॉप बिजनेस पर्सन्स के नाम शामिल हैं। 

फोर्ब्स ने मुकेश अंबानी को क्यों चुना 
- मुकेश अंबानी ने रिलांयस जियो मोबाइल नैटवर्क से इंडिया के टैलीकॉम मार्कीट में रिवॉल्यूशन ला दी।
- रिलायंस जियो का कम प्राइज में सबसे तेज इंटरनैट कनैक्टिविटी का दावा किया है। 
- 6 महीने में 10 करोड़ ग्राहकों को जोड़कर जियो ने हलचल पैदा कर दी।
- फोर्ब्स ने मुकेश अंबानी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा, 'भारत डिजीटल रिवॉल्यूशन में पीछे नहीं रह सकता, जो कुछ भी डिजीटलाइज्ड हो सकता है उसे डिजीटल करना चाहिए।'

भारत पीछे नहीं रह सकताः अंबानी
फोर्ब्स ने अंबानी के हवाले से लिखा, 'जो कुछ भी डिजिटल हो सकता है, वह डिजिटल होने जा रहा है। भारत इसमें पीछे नहीं रह सकता।' फोर्ब्स ने इस लिस्ट के बारे में यह भी कहा है कि जहां कई बिजनेसमैन टर्नओवर बढ़ाने में लगे हैं, वहीं कई शख्स लोगों की जिंदगी को बदल दे रहे हैं। ये लोग भविष्य तय कर रहे हैं, शेयरहोल्डर का, कर्मचारियों का और लोगों का भी।

फोर्ब्स की लिस्ट में और कौन?
जेम्स डॉयसन: फाउंडर, होम अप्लायंसेंस कंपनी, डॉयसन
लैरी फिंक: अमरीकन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन, ब्लैकरॉक 
मोहम्मद बिन सलमान: डिप्टी क्राउन प्रिंस, सऊदी अरब
ईवान स्पीगल: को-फाउंडर, सोशल मीडिया कंपनी स्नैप
चेंग वाई: फाउंडर, दीदी चुगशिंग, राइड कंपनी, चीन
क्रिस्टो वैज: अफ्रीकन रिटेल टॉयकून