सिडनी – ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विकलांगता बीमा योजना (NDIS) से जुड़े वित्तीय आंकड़ों ने एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, लेबर पार्टी से जुड़े और यूनियन समर्थित इंडस्ट्री सुपर फंड्स ने इस योजना से सबसे अधिक मुनाफा कमाया है, जिसकी कुल राशि लगभग 330 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर आंकी गई है।
NDIS की शुरुआत 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड की लेबर सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उस समय योजना के निर्माण और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाले कई वरिष्ठ नेता अब बड़े-बड़े इंडस्ट्री सुपर फंड्स के अध्यक्ष या निदेशक मंडल में शामिल हैं। ये वही फंड हैं जिन्होंने NDIS के तहत किए गए निवेश और सेवाओं से भारी मुनाफा कमाया है।
NDIS को विकलांग व्यक्तियों के लिए दीर्घकालिक सहायता, पुनर्वास और जीवन-गुणवत्ता सुधार के मकसद से लागू किया गया था। सरकार का उद्देश्य था कि निजी व सरकारी सहयोग से विकलांग नागरिकों को उनकी ज़रूरत के मुताबिक वित्तीय और सामाजिक सहायता उपलब्ध हो।
अब जब आंकड़े सामने आए हैं, तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस योजना से सबसे अधिक लाभ उन्हीं संस्थाओं ने उठाया है जिनके प्रबंधक इसके प्रारंभिक दौर में नीतिगत निर्णय लेने वाली टीम में थे। आलोचकों का कहना है कि इससे हितों के टकराव (Conflict of Interest) की स्थिति बन सकती है।
संबंधित इंडस्ट्री सुपर फंड्स का कहना है कि उनका निवेश पूरी तरह नियमों के तहत हुआ है और इससे NDIS के लाभार्थियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिला है। वहीं, सरकार ने कहा है कि किसी भी प्रकार के अनुचित लाभ की जांच की जाएगी और पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।