पूर्व कोषाध्यक्ष पीटर कॉस्टेलो ने ऑस्ट्रेलिया की लेबर सरकार की नई टैक्स नीति पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी है कि इन बदलावों का सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रस्तावित कैपिटल गेन टैक्स (CGT) व्यवस्था युवा पीढ़ी के निवेश और संपत्ति बनाने के अवसरों को सीमित कर देगी।
कॉस्टेलो, जो पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड की सरकार में कोषाध्यक्ष रह चुके हैं, ने 1999 में 50 प्रतिशत CGT छूट लागू की थी। उनका कहना है कि उस समय यह कदम निवेश को बढ़ावा देने और टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने के लिए उठाया गया था।
अब प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की सरकार इस छूट को खत्म कर पुरानी “इंडेक्सेशन मॉडल” व्यवस्था लागू करना चाहती है। प्रस्तावित बदलावों के तहत शेयर, स्टार्टअप और अन्य निवेश संपत्तियों पर मिलने वाली CGT छूट समाप्त हो जाएगी।
कॉस्टेलो ने एक लेख में लिखा कि सरकार यह दावा कर रही है कि इन बदलावों से युवाओं को घर खरीदने में मदद मिलेगी, लेकिन यह “भ्रामक” है। उन्होंने कहा,
“यह निवेश पर लगाया जाने वाला नया टैक्स है। सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ेगा क्योंकि उन्हें पूरी जिंदगी अधिक टैक्स देना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी को अपने माता-पिता और मौजूदा नेताओं जैसी बचत और निवेश के अवसर नहीं मिल पाएंगे।
बजट से पहले यह माना जा रहा था कि सरकार केवल निवेश संपत्तियों पर CGT छूट खत्म करेगी, लेकिन बजट में इसे लगभग सभी परिसंपत्तियों पर लागू करने का प्रस्ताव सामने आया। हालांकि सुपरएन्युएशन और नए आवासीय निर्माण को इससे बाहर रखा गया है।
सरकार इन बदलावों से जुड़े कानून को जल्द संसद में पेश करना चाहती है और ग्रीन्स पार्टी के समर्थन से जुलाई से पहले इसे पारित कराने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी दल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। शैडो हाउसिंग मंत्री एंड्रयू ब्रैग ने कहा कि CGT छूट घटाने के बजाय इसे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे व्यवसाय, स्टार्टअप, ETF, क्रिप्टो और शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोग इस टैक्स से प्रभावित होंगे।
कॉस्टेलो ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने बजट से ठीक पहले “गुपचुप तरीके” से यह योजना तैयार की ताकि इस पर खुली बहस न हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने निगेटिव गियरिंग और CGT बदलावों को एक साथ जोड़कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है।