कैनबरा। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता के बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने ईंधन सुरक्षा को लेकर नेशनल कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। हालांकि ईरान से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली है, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार अब भी संभावित संकट को लेकर सतर्क बनी हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में फिलहाल ईंधन की उपलब्धता सामान्य है, लेकिन यदि मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर ऑस्ट्रेलिया की सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। बैठक में राज्यों और क्षेत्रों के प्रमुखों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ईंधन भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सरकार के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कई इलाकों में डीज़ल और पेट्रोल की सप्लाई प्रभावित हुई है। ट्रांसपोर्ट कंपनियों और कृषि क्षेत्र ने बढ़ती ईंधन कीमतों पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आपूर्ति बाधित होती है तो खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी तेजी आ सकती है।
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों को राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि कूटनीतिक बातचीत सफल रहती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त ईंधन भंडारण, आयात विकल्पों में विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर देने की रणनीति तैयार की है। साथ ही बायोफ्यूल और घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ सप्ताह वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद अहम होंगे और मध्य-पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।