कैनबरा – ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सरकारी धन के जिम्मेदाराना उपयोग और खर्चों में कटौती के मकसद से एक अहम फैसला लिया है। रिम्यूनरेशन ट्रिब्यूनल ने घोषणा की है कि अब कुछ श्रेणियों के वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारियों को बिज़नेस क्लास में हवाई यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ट्रिब्यूनल के इस फैसले के तहत वे उच्च पदाधिकारी आते हैं जो पहले अपने आधिकारिक दौरों पर बिज़नेस क्लास में यात्रा करने के हकदार थे। अब उन्हें केवल इकोनॉमी क्लास में यात्रा करनी होगी। हालांकि, यह नियम सभी पर लागू नहीं है — कुछ विशेष संवैधानिक पदों और विदेश नीति से जुड़े दायित्व निभाने वाले पदाधिकारियों को छूट मिल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय से सरकारी भत्तों और यात्रा सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता और सादगी की मांग उठती रही है। हाल के वर्षों में मीडिया रिपोर्ट्स और जनमत सर्वेक्षणों में यह मुद्दा गर्माया कि करदाताओं के पैसों से होने वाली विलासिता को सीमित किया जाए।
रिम्यूनरेशन ट्रिब्यूनल का कहना है कि यह कदम जनता के विश्वास को मज़बूत करने और सरकारी खर्चों में अनुशासन लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हालांकि, आलोचकों का मानना है कि केवल बिज़नेस क्लास सुविधा हटाने से पूरा समाधान नहीं होगा। कई वरिष्ठ सार्वजनिक सेवकों के पास अभी भी महंगे आवास भत्ते, ड्राइवर-सुविधा, अतिरिक्त भत्ते और अन्य कई विशेषाधिकार मौजूद हैं। पारदर्शिता समर्थक समूहों का कहना है कि इन सुविधाओं की भी समीक्षा ज़रूरी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले समय में यात्रा भत्तों, आधिकारिक भोज, आवास सुविधाओं और अन्य भत्तों को भी नए मानकों के अनुसार संशोधित किया जा सकता है।