“हमें डर पैदा करना होगा”: युद्ध के लिए तैयार नहीं ऑस्ट्रेलिया, विशेषज्ञ पैनल की चेतावनी

“हमें डर पैदा करना होगा”: युद्ध के लिए तैयार नहीं ऑस्ट्रेलिया, विशेषज्ञ पैनल की चेतावनी

कैनबरा, 11 अगस्त

ऑस्ट्रेलिया फिलहाल किसी बड़े संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार नहीं है — यह कड़ी चेतावनी देश के शीर्ष रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञों ने दी है। स्काई न्यूज़ ऑस्ट्रेलिया के विशेष कार्यक्रम "द वार कैबिनेट" में पूर्व मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा विश्लेषक एकमत रहे कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच ऑस्ट्रेलिया की तैयारी बेहद कमजोर है।

कार्यक्रम के मेज़बान वरिष्ठ पत्रकार क्रिस उहलमान ने कहा कि चीन के बढ़ते प्रभाव, अमेरिका के रुख में बदलाव और वैश्विक व्यवस्था के बिखरने से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

पूर्व रक्षा मंत्री जोएल फिट्ज़गिबन ने कहा, “संभावित खतरे के लिए हमारे पास तैयारी का समय अब बहुत कम है। अमेरिका को क्षेत्र में सक्रिय बनाए रखना बेहद जरूरी है, और इसके लिए हमें रक्षा पर अधिक और समझदारी से खर्च करना होगा।”

पूर्व विदेश मंत्री अलेक्ज़ेंडर डाउनर ने चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और रूस के बढ़ते संबंधों को “खतरनाक” बताया और कहा कि अमेरिका के साथ सुरक्षा गठबंधन को मज़बूत रखना ही क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने का तरीका है।

पूर्व गृह मंत्रालय सचिव माइकल पेज़ुलो ने चेतावनी दी कि हाल में ऑस्ट्रेलियाई तट के पास चीन का नौसैनिक अभ्यास “संभावित मिसाइल हमले की रिहर्सल” हो सकता है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कैथरीन मैनस्टेड ने खुलासा किया कि चीनी सैन्य साइबर जासूस पहले से ही ऑस्ट्रेलिया के नागरिक महत्वपूर्ण ढांचे में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की जा सके।

रणनीतिक विश्लेषक पीटर जेनिंग्स ने कहा, “यह 2030 के दशक की कहानी नहीं है। चीन अभी से हमारी हिस्सेदारी वाले क्षेत्र में प्रभुत्व जमाने की तैयारी कर रहा है, और यह मानना कि हमारे संबंध स्थिर हो गए हैं, एक झूठ है।”

पैनल का मानना है कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो यह जल्दी ही क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को शामिल होना पड़ेगा।

रक्षा विशेषज्ञ डॉ. रॉस बैबैज ने कहा, “हमें जानकारी लेनी होगी, ताकतवर बनना होगा और इतना डर पैदा करना होगा कि दुश्मन अपने इरादे बदल दे।”

विशेषज्ञों ने साफ कहा कि युद्ध कोई चाहत नहीं, लेकिन समझदार सरकार हमेशा सबसे बुरे हालात के लिए तैयारी करती है।