कैनबरा — ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ सोमवार को फ़िलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की ऐतिहासिक घोषणा कर सकते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब पश्चिम एशिया में इज़राइल और फ़िलिस्तीन के बीच तनाव चरम पर है, और कई पश्चिमी देशों ने शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक दबाव तेज़ किया है।
घोषणा की तैयारियां पूरी
सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और केवल औपचारिक घोषणा शेष है। यह निर्णय फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के हालिया रुख के बाद आया है, जिन्होंने फ़िलिस्तीन को मान्यता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
अंतरराष्ट्रीय संदेश
राजनयिक विशेषज्ञ मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) को मजबूती देगा, जिसके तहत इज़राइल और फ़िलिस्तीन दोनों को संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया जाता है। विदेश नीति विश्लेषकों का कहना है कि इससे ऑस्ट्रेलिया की छवि एक ‘शांति समर्थक’ राष्ट्र के रूप में और मज़बूत होगी, हालांकि इज़राइल की ओर से तीखी प्रतिक्रिया की संभावना है।
पृष्ठभूमि
फ़िलिस्तीन को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय वर्षों से बंटा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 130 से अधिक देश पहले ही फ़िलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। पश्चिमी देशों में यह रुख धीरे-धीरे बदल रहा है, खासकर गाज़ा और वेस्ट बैंक में जारी हिंसा और मानवीय संकट के बाद।
संभावित प्रभाव
अगर ऑस्ट्रेलिया यह घोषणा करता है, तो वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र का पहला बड़ा देश होगा जो खुले तौर पर फ़िलिस्तीन को मान्यता देगा। इससे मध्य पूर्व में शांति प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है और संयुक्त राष्ट्र में फ़िलिस्तीन की स्थिति मजबूत हो सकती है।