लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़े अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है जामालुद्दीन उर्फ 'छांगुर बाबा'। इस व्यक्ति पर आरोप है कि उसने सुनियोजित तरीके से सैकड़ों युवाओं और लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया, और इसके लिए बाकायदा जाति के हिसाब से रेट तय कर रखे थे।
पुलिस के अनुसार, छांगुर बाबा को इस धर्मांतरण नेटवर्क के संचालन के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की फंडिंग 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों से प्राप्त हुई थी। यह रकम हवाला और डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से भारत पहुंचाई गई, जिसका उद्देश्य विशेष समुदाय में लोगों की संख्या बढ़ाना और सामाजिक संतुलन को बिगाड़ना था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने हर जाति के लिए धर्मांतरण की अलग-अलग कीमत तय की थी। उदाहरण के तौर पर—
अनुसूचित जाति की लड़कियों के लिए ₹25,000
पिछड़ी जाति के लिए ₹40,000
सामान्य वर्ग की लड़कियों के लिए ₹60,000 तक
यदि कोई लड़की ईसाई धर्म से थी तो उसकी कीमत और भी अधिक थी
इसके अलावा लड़कों के लिए भी अलग दरें तय की गई थीं। आरोपी युवाओं को नौकरी, शादी, शिक्षा और विदेश यात्रा का लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था।
छांगुर बाबा ने इस पूरे नेटवर्क को सोशल मीडिया, फर्जी एनजीओ और कुछ कट्टरपंथी मदरसों के जरिए फैलाया। इन संस्थानों के माध्यम से वह ग्रामीण इलाकों में गरीब और अशिक्षित परिवारों को निशाना बनाता था। साथ ही, धर्मांतरण के बाद युवाओं को कट्टरता की ओर मोड़ने की कोशिशें भी की जाती थीं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार खाड़ी देशों, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, और तुर्की जैसे देशों से भी जुड़े हुए थे। इन देशों से लगातार फंडिंग आ रही थी और इसके बदले में भारत में गतिविधियों को बढ़ावा देने का दबाव डाला जाता था।
इस रैकेट का खुलासा एटीएस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में हुआ। आरोपी के पास से भारी मात्रा में दस्तावेज, पासपोर्ट, मोबाइल फोन, लैपटॉप, विदेशी मुद्रा और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस अब उसके सहयोगियों और विदेशी फंडिंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी सूरत में राज्य में अवैध धर्मांतरण और सामाजिक विघटन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।