कैनबरा।
अटॉर्नी-जनरल मिशेल रोलैंड ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े “वर्किंग विद चिल्ड्रेन” प्रणाली में सुधार की समयसीमा को घटाकर चार महीने कर दिया है। यह घोषणा उन्होंने विपक्ष की कड़ी आलोचना के कुछ घंटों बाद की, जिसमें पहले तय की गई एक वर्ष की अवधि को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया गया था।
रोलैंड ने पहले कहा था कि मौजूदा प्रणाली की समीक्षा और बदलाव में एक साल लगेगा। लेकिन विपक्ष और बाल अधिकार समूहों ने चेतावनी दी कि लंबी देरी से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है। आलोचना के बाद उन्होंने बयान जारी कर कहा,
“हमारे बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुधार कार्य तेज़ी से होगा और हम इसे अगले चार महीनों में पूरा करेंगे।”
विपक्ष ने इस कदम का स्वागत किया, लेकिन साथ ही सरकार पर दबाव बनाए रखा कि सुधार केवल समयसीमा में कटौती तक सीमित न रहें, बल्कि सख्त और प्रभावी नियम भी लागू किए जाएं।
स्थानीय अभिभावकों में इस घोषणा से राहत की भावना है। सिडनी की निवासी और दो बच्चों की मां रैचेल थॉमसन ने कहा,
“यह सुनकर अच्छा लगा कि सरकार अब तेजी से काम करेगी। एक भी दिन की देरी हमारे बच्चों के लिए जोखिम हो सकता है।”
बाल अधिकार कार्यकर्ता जॉन पीटरसन ने भी कहा,
“समय कम करना सही दिशा में कदम है, लेकिन हमें उम्मीद है कि सुधार केवल कागजों पर नहीं, जमीनी स्तर पर भी असर दिखाएंगे।”