एक विवादित बौद्ध संगठन ‘गुआन यिन सिट्टा बौद्ध संघ’ (Guan Yin Citta Buddhist Association), जो अपने आध्यात्मिक गुरु मास्टर जुन्हॉन्ग लू (Master Jun Hong Lu) के नेतृत्व में काम करता था, को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। इस समूह ने कथित तौर पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड को "पिछले जन्म में चीनी व्यक्ति" बताया था।
गौरतलब है कि मास्टर जुन्हॉन्ग लू, जिनका निधन 2021 में हो गया था, चीन में जन्मे थे लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय रहे। उनका संगठन गुआन यिन सिट्टा दुनियाभर में फैला हुआ था और कई देशों में उनके अनुयायी मौजूद हैं।
हाल ही में विदेशी मीडिया में यह रिपोर्ट आई है कि इस संगठन को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा निशाना बनाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का मकसद इस संगठन को नियंत्रित करना या उसकी गतिविधियों को कमजोर करना था क्योंकि यह चीन के आधिकारिक धार्मिक ढांचे से बाहर था और स्वतंत्र रूप से संचालित होता था।
संगठन की तरफ से दिए गए अजीबोगरीब दावों में सबसे उल्लेखनीय बयान यह रहा कि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रुड, जो चीन से संबंधों के कारण कई बार सुर्खियों में रहे हैं, पिछले जन्म में एक "चीनी व्यक्ति" थे। इस तरह के दावों ने संगठन की वैचारिक विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है गुआन यिन सिट्टा संगठन?
गुआन यिन सिट्टा बौद्ध संघ एक आध्यात्मिक समूह है जो ध्यान, कर्म सिद्धांत और आत्मा की मुक्ति पर केंद्रित शिक्षाएं देता है। मास्टर लू के अनुयायी उन्हें एक दिव्य माध्यम मानते थे जो आत्माओं से संपर्क कर सकते थे और पिछले जन्मों की जानकारी दे सकते थे।
चीन और संगठन के बीच तनाव
चीन में धार्मिक संगठनों को कड़ी निगरानी में रखा जाता है और ऐसे किसी भी समूह को जो सरकार के नियंत्रण से बाहर होता है, अक्सर "विदेशी प्रभाव" या "धार्मिक उग्रवाद" के रूप में देखा जाता है। यही वजह है कि गुआन यिन सिट्टा संघ पर भी चीन की नजर रही।
हालांकि, चीन सरकार ने इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन यह साफ है कि धर्म और राजनीति के इस पेचीदा मेल ने एक बार फिर चीन की धार्मिक नीतियों और वैश्विक प्रभाव के इरादों पर बहस छेड़ दी है।