कैनबरा:
ऑस्ट्रेलिया में वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सुधार की मांग जोर पकड़ रही है। उत्पादकता आयोग (Productivity Commission) की वर्तमान अध्यक्ष डैनियल वुड (Danielle Wood) ने हाल ही में कहा कि "GST पहले ही टूट चुका है, इसलिए अब इसमें सुधार करना जरूरी हो गया है"। उनके इस बयान को आयोग के पूर्व अध्यक्ष माइकल ब्रेनन (Michael Brennan) का भी समर्थन मिला है।
डैनियल वुड ने तर्क दिया कि वर्तमान जीएसटी प्रणाली समय के साथ अप्रभावी हो गई है और देश की आर्थिक चुनौतियों से निपटने में अब वह सक्षम नहीं रह गई। उन्होंने कहा कि सरकार को अब हिम्मत दिखाकर कर संरचना में व्यापक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष माइकल ब्रेनन ने भी वुड की बात से सहमति जताते हुए कहा कि जीएसटी को मौजूदा हालात के मुताबिक ढालने की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर सरकार इसमें समय रहते सुधार नहीं करती, तो राजस्व में गिरावट और सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी सुधार से राज्यों को ज्यादा राजस्व मिलेगा, जिससे वे स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश कर सकेंगे। हालांकि, राजनीतिक सहमति बनाना इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
अब देखना यह होगा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस साझा अपील पर क्या रुख अपनाती है और क्या वाकई टैक्स सुधार को लेकर कोई ठोस कार्य योजना सामने आती है।