बेंगलुरु, 12 जुलाई 2025 — कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान के बीच उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार ने शनिवार को एक तीखा और प्रतीकात्मक बयान देते हुए कहा, "कुर्सी मिलना मुश्किल है, इसलिए जब भी मौका मिले, तुरंत बैठ जाना चाहिए।"
शिवकुमार का यह बयान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके बीच सत्ता के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है। उन्होंने कहा, “कुर्सी तो किसी को आसानी से नहीं मिलती। जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए। राजनीति में इंतज़ार करने वाले को कुछ नहीं मिलता, बल्कि जो मौके को पकड़ता है वही आगे बढ़ता है।”
इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक सत्ता हस्तांतरण की ओर इशारा मान रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के समय ही इस बात पर सहमति बनी थी कि सिद्धारमैया ढाई साल मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद शिवकुमार को मौका दिया जाएगा। अब जबकि यह कार्यकाल आधा पूरा हो चुका है, शिवकुमार के इस बयान को एक तरह का राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आलाकमान समय आने पर इस मुद्दे पर निर्णय लेगा।
इस बीच शिवकुमार ने अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, “राजनीति में धैर्य और समर्पण जरूरी है, लेकिन अवसर जब सामने हो, तो पीछे नहीं हटना चाहिए।”
कर्नाटक कांग्रेस में इस बयान से हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।