कोविड टीका न लगाने वाले मेलबर्न के डॉक्टर की टूटी कमर, बेचनी पड़ी पैतृक क्लिनिक

कोविड टीका न लगाने वाले मेलबर्न के डॉक्टर की टूटी कमर, बेचनी पड़ी पैतृक क्लिनिक

मेलबर्न।
कोविड-19 महामारी के दौरान टीका लगाने से इनकार करने वाले मेलबर्न के डॉक्टर मार्क होबार्ट आज आर्थिक और मानसिक संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। कभी सफल जनरल प्रैक्टिशनर रहे 67 वर्षीय होबार्ट अब अपने परिवार की तीन पीढ़ियों से चल रही पैतृक क्लिनिक और इमारत को बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं।

डॉ. होबार्ट ने 1985 से मेलबर्न के सनशाइन नॉर्थ स्थित क्लिनिक में काम किया। यह वही स्थान है जहाँ 1950 के दशक से उनके माता-पिता मरीजों का इलाज करते थे। लेकिन 2021 में कोविड वैक्सीन अनिवार्यता के आदेशों का पालन न करने पर सरकार ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया और क्लिनिक बंद करा दिया।

सरकारी कार्रवाई के बाद ताले पड़े
अक्टूबर 2021 में स्वास्थ्य अधिकारियों ने डॉ. होबार्ट से वैक्सीन और मास्क छूट पाने वाले मरीजों की फाइलें मांगीं। उन्होंने मरीजों की गोपनीयता का हवाला देते हुए दस्तावेज देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उनके क्लिनिक को तत्काल बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद ऑस्ट्रेलियन हेल्थ प्रैक्टिशनर रेगुलेशन एजेंसी (AHPRA) ने उन्हें निलंबित कर दिया।

बीमारी और आर्थिक तंगी का दोहरा झटका
लाइसेंस निलंबन के बाद डॉ. होबार्ट न तो इलाज कर सके, न स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई अन्य काम। धीरे-धीरे उनकी बचत खत्म हो गई। 2023 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा और 2024 के अंत में स्ट्रोक भी हुआ। आज वे नौकरी की तलाश में हैं, मगर गोदाम कर्मचारी जैसी नौकरियों के लिए भी आवेदन असफल हो रहा है।

पैतृक क्लिनिक की नीलामी
लगभग चार साल से खाली पड़ी क्लिनिक और इमारत को अब वे अक्टूबर में नीलामी के लिए रख रहे हैं। “मेरे पास पैसे और विकल्प दोनों खत्म हो गए हैं। लाइसेंस वापस मिलने की उम्मीद नहीं है,” उन्होंने कहा।

‘मैंने अपने मरीजों के लिए सही किया’
डॉ. होबार्ट का कहना है कि वे ‘एंटी-वैक्सर’ नहीं हैं और बच्चों के सभी नियमित टीके खुद लगवाते थे। लेकिन कोविड टीकाकरण अनिवार्यता के दौरान उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अस्थायी छूट दी, ताकि वे काम जारी रख सकें। उनके अनुसार, यह कदम उन्होंने चिकित्सा नैतिकता के आधार पर उठाया।

अब उनका भविष्य विक्टोरियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के निर्णय पर निर्भर है, जो अगले वर्ष तय करेगा कि वे चिकित्सा पेशे में लौट सकते हैं या नहीं।