Quad में कूटनीतिक दरार, पीएम–ट्रंप मुलाक़ात पर संकट के बादल

Quad में कूटनीतिक दरार, पीएम–ट्रंप मुलाक़ात पर संकट के बादल

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में उभरे कूटनीतिक मतभेदों ने ‘क्वाड’ (Quad) गठबंधन की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार, इन मतभेदों की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक भी टल सकती है या सीमित दायरे में हो सकती है।

क्वाड की अहमियत और पृष्ठभूमि
क्वाड—जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं—का गठन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दख़ल का जवाब देने और समुद्री सुरक्षा व व्यापारिक मार्गों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में यह मंच सामरिक सहयोग का प्रमुख आधार बनकर उभरा है, लेकिन अब आंतरिक खटपट इसकी धार को कमजोर कर सकती है।

तनाव की जड़
हालिया विवाद की वजहों पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, व्यापारिक नीतियों, रक्षा सौदों और क्षेत्रीय मुद्दों पर असहमति इसका मुख्य कारण हैं। अमेरिका भारत से कुछ संवेदनशील सुरक्षा समझौतों में तेज़ी लाने का दबाव बना रहा था, जबकि भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता पर समझौता करने से इनकार किया।

संभावित असर
अगर यह तनाव बढ़ता है, तो न सिर्फ़ पीएम–ट्रंप की मुलाक़ात अधर में लटक सकती है, बल्कि क्वाड के तहत होने वाला अगला शिखर सम्मेलन भी खतरे में पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से चीन को सामरिक बढ़त मिल सकती है, जबकि हिंद-प्रशांत में संतुलन बनाए रखने की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा।

सरकार की चुप्पी
विदेश मंत्रालय ने इस मसले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। लेकिन कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर अगले कुछ दिनों में संवाद के रास्ते नहीं खुले, तो यह संकट लंबा खिंच सकता है।