हॉम स्कूलिंग का बढ़ता चलन: NSW में बच्चों की पढ़ाई का नया रुख

हॉम स्कूलिंग का बढ़ता चलन: NSW में बच्चों की पढ़ाई का नया रुख

सिडनी, ऑस्ट्रेलिया – न्यू साउथ वेल्स (NSW) में हाल के वर्षों में होम स्कूलिंग यानी घर से पढ़ाई करने वाले बच्चों की संख्या में चौंकाने वाली तेजी देखी गई है। लेकिन इसके पीछे का कारण वही पुराना शिक्षा सिस्टम नहीं है, जैसा आमतौर पर समझा जाता है। दरअसल, इसका एक नया और बेहद दिलचस्प पहलू सामने आया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में NSW में होम स्कूलिंग करने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। वर्ष 2019 में जहाँ यह संख्या करीब 5,000 थी, वहीं अब यह आंकड़ा 11,000 के पार पहुंच चुका है।

तो आखिर वजह क्या है?

आश्चर्यजनक रूप से, यह उछाल कोविड-19 महामारी या पारंपरिक स्कूलिंग से असंतोष से नहीं जुड़ा है, बल्कि अभिभावकों की बदलती सोच और जीवनशैली की प्राथमिकताएं इसकी बड़ी वजह बन रही हैं।

कई माता-पिता अब अपने बच्चों को घर पर पढ़ाकर उन्हें अधिक लचीली, सुरक्षित और वैयक्तिक शिक्षा देना चाहते हैं। उनका मानना है कि पारंपरिक स्कूलों की तुलना में घर से पढ़ाई बच्चों की मानसिक सेहत और रचनात्मकता के लिए बेहतर है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान यह दर्शाता है कि अभिभावक अब शिक्षा को सिर्फ डिग्री तक सीमित न मानकर, उसे एक व्यापक जीवन कौशल के रूप में देखने लगे हैं। टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन संसाधनों और होम स्कूलिंग नेटवर्क्स की मदद से अब यह विकल्प पहले से कहीं ज़्यादा सुलभ हो गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार ने भी इस बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए होम स्कूलिंग के लिए आवश्यक नियमों और निरीक्षण की प्रक्रिया को मजबूत किया है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।