ताकत और तकनीक से ही आती है बढ़त, भारत को बढ़ाना होगा निर्यात: गडकरी

ताकत और तकनीक से ही आती है बढ़त, भारत को बढ़ाना होगा निर्यात: गडकरी

नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज की दुनिया में जिस देश के पास तकनीकी क्षमता और आर्थिक ताकत होती है, वही वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाता है। भारत को भी आत्मनिर्भर बनने और ‘विश्वगुरु’ बनने के लिए निर्यात बढ़ाना और आयात घटाना होगा।

रविवार को नागपुर स्थित विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (VNIT) में आयोजित प्रो. वी.जी. भिड़े स्मृति व्याख्यान में गडकरी ने कहा, “दुनिया में जो देश आगे हैं, उनकी ताकत तकनीक और संसाधनों में है। भारत को भी अपनी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल कर निर्यात में तेजी लानी होगी।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों जैसे IIT, NIT और अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों को शोध और नवाचार में देश की वास्तविक जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए। गडकरी ने उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली में चार बड़े लैंडफिल साइट्स से निकले कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया गया, जो तकनीक के व्यावहारिक उपयोग का एक सफल उदाहरण है।

ईंधन आयात पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 21 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करता है। इसे कम करने के लिए जैव-ईंधन जैसे इथेनॉल, आइसोब्यूटेनॉल और बायो-एविएशन फ्यूल को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि यह न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी करेगा।

गडकरी ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विज्ञान, मूल्य और संस्कृति का संतुलित मिश्रण है, जो भविष्य की पीढ़ियों को नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति विश्व कल्याण की है, लेकिन हमें ताकतवर भी बनना होगा। ताकत और तकनीक के साथ ही वैश्विक मंच पर भारत की पहचान और मजबूत होगी।”