फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले – "आज़ाद रहने के लिए डर पैदा करना ज़रूरी", रक्षा बजट को दो साल में दोगुना करने का वादा

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले – "आज़ाद रहने के लिए डर पैदा करना ज़रूरी", रक्षा बजट को दो साल में दोगुना करने का वादा

पेरिस।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक अहम बयान में कहा है कि “अगर आपको स्वतंत्र और सुरक्षित रहना है, तो दूसरों के मन में डर पैदा करना ज़रूरी है।” उन्होंने यह भी वादा किया कि फ्रांस अपने रक्षा खर्च को अगले दो वर्षों में दोगुना करेगा।

मैक्रों ने यह घोषणा देश की नई रक्षा नीति को रेखांकित करते हुए की, जिसमें वैश्विक अस्थिरता, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और आतंकवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए सैन्य शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

राष्ट्रपति ने कहा, “सिर्फ नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून से सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। शक्ति ही वह भाषा है जिसे दुनिया समझती है। अगर आप डर नहीं पैदा करेंगे, तो आप आज़ाद नहीं रह सकते।”

उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और सेना प्रमुखों की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि फ्रांस अब “रणनीतिक आलस्य” छोड़कर “आक्रामक तैयारी” के रास्ते पर बढ़ेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • फ्रांस का रक्षा बजट 2024 तक 413 अरब यूरो तक पहुंचाया जाएगा।

  • यूरोपीय संघ और नाटो के भीतर फ्रांस की भूमिका को और प्रभावशाली बनाया जाएगा।

  • सैन्य उपकरणों का आधुनिकीकरण और नई तकनीकों में निवेश किया जाएगा।

  • साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी फ्रांस की ताकत बढ़ाई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल फ्रांस की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव है, बल्कि यूरोप की भू-राजनीतिक स्थिति में भी एक नया संदेश है – कि अब फ्रांस रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक और प्रभावशाली भूमिका में रहेगा।

राष्ट्रपति मैक्रों के इस ऐलान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस के सैन्य नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है।