अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की बड़ी घोषणा — ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध खत्म, पूर्ण युद्धविराम का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की बड़ी घोषणा — ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध खत्म, पूर्ण युद्धविराम का ऐलान

वाशिंगटन/तेहरान/जेरूसलम, 24 जून 2025
मध्य पूर्व में बीते 12 दिनों से जारी भीषण संघर्ष के बाद आखिरकार शांति की एक उम्मीद भरी किरण दिखाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए ईरान और इजरायल के बीच पूर्ण और स्थायी युद्धविराम का ऐलान किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घोषणा को एक "शांति की जीत" करार दिया और कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता के चलते दोनों देशों ने युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि "यह एक निर्णायक क्षण है — अब हमें खून-खराबा नहीं बल्कि सहयोग की ओर बढ़ना होगा।"

क्या है युद्धविराम समझौता?

रिपोर्ट के मुताबिक, यह युद्धविराम समझौता कतर की राजधानी दोहा में गोपनीय वार्ताओं के बाद सामने आया है, जिसमें अमेरिका के शीर्ष राजनयिक, ईरानी प्रतिनिधि मंडल और इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शामिल थे। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने और कैदियों की अदला-बदली जैसी मानवीय शर्तों पर आधारित है।

ट्रंप की भूमिका

डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने 2024 में दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभाला, इस संकट को हल करने में एक बार फिर वैश्विक कूटनीति में अपनी सक्रियता दिखा दी है। व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया कि ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात की और "शांति की अंतिम कोशिश" के रूप में इस समझौते को संभव बनाया।

युद्ध का अब तक का लेखा-जोखा

  • 12 दिनों तक चले युद्ध में दोनों देशों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।

  • सैकड़ों सैनिक और आम नागरिक मारे गए, जबकि हजारों घायल हुए।

  • ईरान ने इजरायल के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे, वहीं इजरायल ने ईरान के कई परमाणु और सैन्य अड्डों को निशाना बनाया।

क्या यह शांति कायम रह पाएगी?

हालांकि युद्धविराम का ऐलान हो चुका है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी शांति की राह अब भी लंबी है। क्षेत्रीय तनाव, विश्वास की कमी और कट्टरपंथी ताकतें भविष्य में फिर से हालात को बिगाड़ सकती हैं।

भारत समेत दुनिया ने किया स्वागत

भारत, यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और चीन सहित कई देशों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि यह समझौता स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।