ट्रंप चुप, लेकिन रुबियो ने दी तीखी प्रतिक्रिया — ऑस्ट्रेलिया के फ़िलिस्तीन मान्यता निर्णय पर अमेरिकी राजनीति में हलचल

ट्रंप चुप, लेकिन रुबियो ने दी तीखी प्रतिक्रिया — ऑस्ट्रेलिया के फ़िलिस्तीन मान्यता निर्णय पर अमेरिकी राजनीति में हलचल

वॉशिंगटन/यरुशलम — ऑस्ट्रेलिया द्वारा फ़िलिस्तीन को मान्यता देने के ऐतिहासिक ऐलान के बाद वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक बहस तेज़ हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक इस विषय पर चुप्पी साध रखी है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता और सीनेटर मार्को रुबियो ने खुलकर अपना विरोध दर्ज कराया है।

ट्रंप, जिन्होंने पहले फ्रांस द्वारा फ़िलिस्तीन मान्यता को “निरर्थक” बताते हुए व्यंग्य किया था, इस बार ऑस्ट्रेलिया के निर्णय पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बचते दिखे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह मौन या तो अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की संवेदनशीलता को देखते हुए है या फिर उनके पश्चिम एशिया नीति में चल रहे अंदरूनी समीकरणों का हिस्सा।

दूसरी ओर, मार्को रुबियो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फ़िलिस्तीन की मान्यता इज़राइल की सुरक्षा और स्थिरता के लिए “गंभीर खतरा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे निर्णय हमास और अन्य उग्रवादी समूहों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधता प्रदान करते हैं, जो शांति प्रक्रिया को कमजोर करते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद इसराइल ने भी कड़ा विरोध जताया है, जबकि फ़िलिस्तीनी नेतृत्व ने इसे “न्याय की दिशा में साहसिक कदम” करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर बहस तेज़ हो गई है, जहां कई देशों ने ऑस्ट्रेलिया के फैसले की सराहना की है, तो कई ने इसे “एकतरफ़ा” कदम बताते हुए आलोचना की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की चुप्पी लंबे समय तक नहीं रह पाएगी, क्योंकि पश्चिम एशिया में बदलते समीकरणों के बीच वॉशिंगटन से स्पष्ट रुख की अपेक्षा बढ़ रही है।