NDIS में घिनौना ‘कैश-फॉर-क्लाइंट’ काला बाज़ार उजागर, व्हिसलब्लोअर की बड़ी चेतावनी

NDIS में घिनौना ‘कैश-फॉर-क्लाइंट’ काला बाज़ार उजागर, व्हिसलब्लोअर की बड़ी चेतावनी

सिडनी/कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विकलांगता बीमा योजना (NDIS) के भीतर एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। व्हिसलब्लोअर्स ने दावा किया है कि सबसे कमजोर और ज़रूरतमंद विकलांग प्रतिभागियों को अवैध रूप से “कैश-फॉर-क्लाइंट” सौदों में बेचा-खरीदा जा रहा है, जैसे वे कोई वस्तु हों। आरोप है कि कुछ प्रदाता अधिक भुगतान पाने के लिए प्रतिभागियों को एक से दूसरे संगठन में स्थानांतरित कर रहे हैं, जबकि सरकारी निगरानी तंत्र इसे रोकने में विफल रहा है।

निलंबित प्रदाता और संदिग्ध सौदे

NDIS के निलंबित प्रदाता Cocoon SDA Care पर आरोप है कि उसने अपने क्लाइंट्स को एक नई संस्था Crescent में भेज दिया—जिसका संचालन उन्हीं कार्यकारियों से जुड़ा था जो Cocoon में थे। यह प्रक्रिया चल रही जांच और प्रतिबंध आदेश के बावजूद की गई, जिससे नियामक एजेंसियों की क्षमता पर सवाल खड़े हो गए।

व्हिसलब्लोअर की चेतावनी और प्रस्ताव

पूर्व CEO तान्या क्विन ने 2023 में ही इस प्रकार के ग़लत प्रयोगों के बारे में कई अधिकारियों को सूचित किया था, परंतु कार्रवाई धीमी रही। उन्होंने इसे NDIS की “गंभीर नैतिक विफलता” बताते हुए एक रॉयल कमीशन गठित करने की मांग की है, ताकि पूरे सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और खामियों की व्यापक जांच हो सके।

सरकारी प्रतिक्रिया और कार्रवाई

NDIS और ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने धोखाधड़ी रोकने के लिए Fraud Fusion Taskforce का गठन किया है। यह कार्यबल पुलिस, वित्तीय अपराध शाखाओं और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध प्रदाताओं की जांच कर रहा है। हाल ही में एक पूर्व NDIS कर्मचारी को निजी जानकारी के दुरुपयोग पर अदालत ने सज़ा भी सुनाई है।

मामले का व्यापक असर

इस घोटाले ने विकलांगता सहायता व्यवस्था की विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुँचाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही सख़्त सुधार नहीं किए गए, तो NDIS प्रतिभागियों का भरोसा टूट सकता है और वास्तविक ज़रूरतमंदों तक मदद पहुँचने में भारी बाधा आ सकती है।