पूर्व एएफएल स्टार वेन केरी के साथ वायरल हुए 'टॉयलेट-गेट' वीडियो की केंद्र में रहीं महिला केट एस्टन ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना से हुए मानसिक, शारीरिक और पेशेवर नुकसान को विस्तार से साझा किया है।
38 वर्षीय मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव एस्टन ने बताया कि कैसे सिर्फ एक वीडियो ने उनकी पूरी ज़िंदगी पलट दी। इस वीडियो में उन्हें मेलबर्न के एक बार 'टूरैक सेलर्स' के बाथरूम से निकलते हुए दिखाया गया था, जिसके लगभग 20 सेकंड बाद वेन केरी भी वहीं से बाहर आते हैं।
"सिर्फ टॉयलेट से निकलने के फुटेज से मेरी पूरी ज़िंदगी उलट गई," एस्टन ने हेराल्ड सन से बातचीत में कहा।
"मेरी पेशेवर क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर मेरी आमदनी पर पड़ा है। यह असर लंबे समय तक रहने वाला है और शायद अपूरणीय भी।"
एस्टन ने वीडियो बनाने वाली दो महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने इसे साइबर बुलींग करार देते हुए कहा कि इन महिलाओं की "बदनीयती" ने उन्हें सार्वजनिक शर्मिंदगी और करियर में नुकसान पहुंचाया है।
"मैं इस स्थिति में सिर्फ इसलिए हूं क्योंकि कुछ महिलाओं ने मुझे गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर डाल दिया। इससे मेरी पहचान सार्वजनिक हुई, मुझे ऑनलाइन ट्रोल किया गया और मेरी पेशेवर छवि धूमिल हुई," एस्टन ने कहा।
घटना के समय वीडियो में एक महिला की आवाज़ आती है, "वो शर्मिंदा लग रही है," जबकि दूसरी कहती है, "वो (केरी) अंदर क्या कर रहा था?"
वहीं, वेन केरी ने भी इस वीडियो को "साइबर बुलींग" बताते हुए इसकी निंदा की है और पुलिस, वकील और एएफएल प्लेयर्स एसोसिएशन से संपर्क किया है।
मनोरंजन पत्रकार पीटर फोर्ड ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि यदि वेन केरी खुद सामने न आते तो शायद यह खबर खत्म हो जाती। लेकिन उन्होंने इसे खुद उठाकर चर्चा का विषय बना दिया।
"हमें कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि बाथरूम में कुछ गलत हुआ था," फोर्ड ने कहा।
"लेकिन इन महिलाओं द्वारा वीडियो बनाना एक बड़ी नैतिक चूक है। अगर मैं बार का मालिक होता, तो इन महिलाओं को फिर से आने नहीं देता।"
गौरतलब है कि वेन केरी का नाम पहले भी कई विवादों में रहा है – साथी खिलाड़ी की पत्नी के साथ अफेयर से लेकर मारपीट, नशे और घरेलू हिंसा के आरोप तक।
हालिया विवाद में फोर्ड का रुख स्पष्ट था – "इस बार मैं वेन केरी के पक्ष में हूं।"
इस पूरी घटना ने न केवल केट एस्टन की निजी ज़िंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि एक बार फिर इस बहस को जन्म दिया है कि सोशल मीडिया पर बिना अनुमति किसी की रिकॉर्डिंग और उसे वायरल करना किस हद तक स्वीकार्य है।