नई दिल्ली, 17 जुलाई 2025 — एअर इंडिया विमान हादसे को लेकर अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के बाद देश की प्रमुख पायलट यूनियन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूनियन का कहना है कि पूरी जांच पूरी होने से पहले किसी भी पायलट, विशेषकर कैप्टन, को दोषी ठहराना पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना है।
बता दें कि यह विवाद हाल ही में मुंबई से दुबई जा रही एक एअर इंडिया फ्लाइट के हादसे को लेकर है, जिसमें विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी। WSJ की रिपोर्ट में इस घटना की जांच के शुरुआती पहलुओं का हवाला देते हुए पायलट के निर्णयों और प्रतिक्रिया क्षमता पर सवाल उठाए गए थे।
इंडियन कॉマーशियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) ने WSJ की रिपोर्ट को "पूर्वाग्रही" और "अनुचित" बताया है। संगठन ने कहा है कि मीडिया द्वारा जांच रिपोर्ट से पहले इस तरह की बातें करना न केवल पायलट की छवि को धूमिल करता है, बल्कि इससे एविएशन सुरक्षा संस्कृति को भी नुकसान पहुंचता है।
यूनियन ने एक बयान में कहा, "हम सभी सवालों के जवाब चाहते हैं, लेकिन वह जवाब DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की निष्पक्ष और पेशेवर जांच से आएंगे, न कि अटकलों और मीडिया ट्रायल से।"
DGCA पहले ही इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर चुका है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना के दौरान पायलट और सिस्टम ने कैसे प्रतिक्रिया दी।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी दुर्घटना की पूर्ण तकनीकी और मानव कारकों की समीक्षा के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। कई बार तकनीकी गड़बड़ियों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की गलतियों या मौसम जैसी परिस्थितियों की भी भूमिका होती है।