पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले अहम कूटनीतिक हलचल

पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले अहम कूटनीतिक हलचल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे से पहले पड़ोसी देश के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से होगी, जिसमें सीमा विवाद और विश्वास बहाली के नए उपायों पर गहन चर्चा की जाएगी।


सीमा वार्ता का नया दौर

वांग यी और अजीत डोभाल विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता के तहत मिलेंगे। यह संवाद गलवान घाटी में 2020 के संघर्ष के बाद बिगड़े रिश्तों को पटरी पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। दोनों नेता सीमा पर शांति और स्थिरता के लिए ठोस कदमों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।


दौरे की अहमियत

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक राजनीति में कई नए समीकरण बन रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव की स्थिति भी बनी हुई है, ऐसे में चीन के साथ संवाद की कोशिश को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।


रिश्तों में सुधार के संकेत

पिछले वर्ष NSA अजीत डोभाल ने बीजिंग का दौरा किया था और वहां वांग यी के साथ बातचीत की थी। इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री भी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकों के लिए चीन गए थे। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बहाली का संकेत इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने से भी मिला है।


मोदी की आगामी यात्राएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को जापान की यात्रा पर जाएंगे और इसके बाद 31 अगस्त व 1 सितंबर को चीन के उत्तरी शहर तियानजिन में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। ऐसे में वांग यी की भारत यात्रा को इस उच्चस्तरीय मुलाकातों की नींव के रूप में देखा जा रहा है।