लंदन/सिडनी। ब्रिटेन सरकार द्वारा वीज़ा नियमों में किए जा रहे हालिया बदलाव ने दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) रखने वाले लोगों के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। इस बदलाव का असर 85 देशों पर पड़ने वाला है, लेकिन विशेष रूप से उन देशों में इसका प्रभाव अधिक देखा जा सकता है, जहां बड़ी संख्या में ब्रिटेन में जन्मे लोग रहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित ट्रैवल एजेंट लिंटन जोन्स पिछले कई दिनों से अपने ग्राहकों के लिए स्पष्ट जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए नियमों की व्याख्या को लेकर सरकारी एजेंसियों और यात्रियों के बीच स्पष्टता की कमी है, जिससे यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
ब्रिटेन सरकार द्वारा लागू किए जा रहे इस परिवर्तन के तहत कुछ यात्रियों को अब नई इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति (Electronic Travel Authorisation) या अतिरिक्त दस्तावेज़ों की आवश्यकता हो सकती है। विशेष रूप से वे लोग, जो जन्म से ब्रिटिश हैं लेकिन किसी अन्य देश की नागरिकता भी रखते हैं, यह समझने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं कि वे किस श्रेणी में आते हैं और उन्हें किस पासपोर्ट से यात्रा करनी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में, जहां दस लाख से अधिक लोग ब्रिटेन में जन्मे हैं, इस नियम का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। कई दोहरी नागरिकता वाले यात्रियों को यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वे “तकनीकी रूप से ब्रिटिश” माने जाएंगे और क्या उन्हें वीज़ा या यात्रा अनुमति की आवश्यकता होगी।
ट्रैवल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों में बदलाव के साथ पर्याप्त जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए था। अचानक हुए इस बदलाव से यात्रियों, एयरलाइंस और एजेंटों के सामने व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि ये बदलाव सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और यात्रा प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हालांकि, प्रभावित समुदायों का मानना है कि स्पष्ट दिशा-निर्देश और संक्रमण अवधि (ट्रांजिशन पीरियड) दी जानी चाहिए थी।
फिलहाल, विशेषज्ञों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित दूतावास या आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें और यह सुनिश्चित करें कि वे सही पासपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ यात्रा कर रहे हैं।
नए नियमों के लागू होने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ब्रिटेन सरकार दोहरी नागरिकता वाले लोगों की शंकाओं का समाधान किस प्रकार करती है और क्या भविष्य में इन प्रावधानों में और स्पष्टता लाई जाएगी।