‘बच्चों के खिलौनों की तरह लिया जा रहा है मामला’: ई-बाइक्स के खिलाफ उतरे वकील और डॉक्टर

‘बच्चों के खिलौनों की तरह लिया जा रहा है मामला’: ई-बाइक्स के खिलाफ उतरे वकील और डॉक्टर

सिडनी: न्यू साउथ वेल्स (NSW) में इलेक्ट्रिक पावर्ड डिवाइस, खासकर ई-बाइक्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालांकि, इनके बढ़ते उपयोग के साथ सड़क हादसों की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में ई-बाइक्स से जुड़े कई गंभीर टकरावों के बाद राज्य की थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (CTP) व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग जोर पकड़ने लगी है।

कानूनी विशेषज्ञों और चिकित्सा पेशेवरों का कहना है कि ई-बाइक्स को अब भी “बच्चों के खिलौनों” की तरह देखा जा रहा है, जबकि वास्तविकता में ये तेज रफ्तार वाहन हैं, जो पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और स्वयं सवारों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पतालों में ई-बाइक दुर्घटनाओं से जुड़ी चोटों के मामले बढ़े हैं, जिनमें सिर और रीढ़ की गंभीर चोटें शामिल हैं।

वकीलों का तर्क है कि मौजूदा थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कानून ई-बाइक्स से जुड़े हादसों को पर्याप्त रूप से कवर नहीं करते। कई मामलों में पीड़ितों को मुआवजा पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि ई-बाइक्स को मोटर वाहन की श्रेणी में रखा जाए या नहीं।

इन चिंताओं के बीच NSW स्टेट पार्लियामेंट में कानूनों की समीक्षा और सख्त नियम लागू करने की मांग उठ रही है। प्रस्तावित बदलावों में ई-बाइक्स के लिए स्पष्ट बीमा व्यवस्था, सुरक्षा मानकों को कड़ा करना और उपयोगकर्ताओं के लिए नियमों की बेहतर जानकारी शामिल हो सकती है।

सरकार का कहना है कि वह सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कानूनों में सुधार नहीं किया गया, तो ई-बाइक्स से जुड़ी दुर्घटनाओं और कानूनी विवादों की संख्या और बढ़ सकती है।