नई दिल्ली। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की बेटियों के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा, “हम बालिकाओं के लिए गरिमापूर्ण जीवन, अवसर और आशा सुनिश्चित करने के अपने अटूट संकल्प की पुनः पुष्टि करते हैं।” उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बालिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया गया है, जहाँ बालिकाएं आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत को विभिन्न क्षेत्रों में बालिकाओं और महिलाओं की उपलब्धियों पर गर्व है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर रही हैं।
राष्ट्रीय बालिका दिवस प्रतिवर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बेटियां केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अदम्य शक्ति हैं। शाह ने कहा कि आज महिलाएं देश की प्रगति का नेतृत्व कर रही हैं।
अमित शाह ने रानी लक्ष्मीबाई, रानी वेलु नचियार, मुला गभारू और प्रीतिलता वादेदार जैसी वीरांगनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के उदाहरण हर भारतीय को गर्व और प्रेरणा से भर देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के महिला-नेतृत्व वाले विकास के मंत्र ने नारी शक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है।