ऑस्ट्रेलिया में ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर ऐतिहासिक फैसला: बैंकों को चेतावनी, कर्मचारियों का अधिकार न छीनें

ऑस्ट्रेलिया में ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर ऐतिहासिक फैसला: बैंकों को चेतावनी, कर्मचारियों का अधिकार न छीनें

सिडनी, 6 नवंबर 2025:
ऑस्ट्रेलिया में एक ऐतिहासिक निर्णय के बाद देशभर के बड़े बैंकों को एक सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों के ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) के अधिकार को अनदेखा न करें। फाइनेंस सेक्टर यूनियन (FSU) ने स्पष्ट कहा है कि यदि बैंक कर्मचारियों के वैध अनुरोधों को ठोस कारण के बिना ठुकराते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

पृष्ठभूमि: वेस्टपैक केस बना मिसाल

हाल ही में फेयर वर्क कमीशन (FWC) ने वेस्टपैक बैंक की एक महिला कर्मचारी, कारलीन चैंडलर, के पक्ष में फैसला सुनाया। चैंडलर ने अपने घर से काम करने की अनुमति मांगी थी ताकि वह अपने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में सक्षम रह सकें, लेकिन बैंक ने इसे यह कहकर ठुकरा दिया कि “वर्क फ्रॉम होम बच्चों की देखभाल का विकल्प नहीं है।”

कर्मचारी ने मामला FWC में दायर किया और आयोग ने पाया कि वेस्टपैक के पास इनकार का कोई उचित आधार नहीं था। आयोग ने आदेश दिया कि उन्हें घर से काम करने की अनुमति दी जाए। इस निर्णय को देश के रोजगार कानूनों में एक “लैंडमार्क केस” माना जा रहा है।

यूनियन की चेतावनी: अब कोई बहाना नहीं चलेगा

FSU ने सभी प्रमुख बैंकों को पत्र भेजकर कहा है कि वे पिछले 12 महीनों में किए गए सभी WFH अनुरोधों की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि वे फेयर वर्क एक्ट के अनुरूप हैं।
यूनियन की राष्ट्रीय सहायक सचिव निकोल मैकफर्सन ने कहा —

“बैंकों को अब ‘संस्कृति’ और ‘टीम सहयोग’ जैसे शब्दों के पीछे नहीं छिपना चाहिए। लचीलापन अब कोई सुविधा नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार है।”

यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी WFH अनुरोध को अस्वीकार करने से पहले नियोक्ताओं को पारदर्शी, साक्ष्य-आधारित और कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।

बैंकों की प्रतिक्रिया

वेस्टपैक ने अपने बयान में कहा कि वह आयोग के फैसले पर विचार कर रहा है और उसकी नीतियाँ वेस्टपैक ग्रुप एंटरप्राइज एग्रीमेंट के अनुरूप हैं।
बैंक के सीईओ एंथनी मिलर ने कहा कि “हमारी नीति का उद्देश्य ग्राहकों के लिए सर्वश्रेष्ठ परिणाम देना है, चाहे कर्मचारी कहीं से भी काम करें।” उन्होंने दो से तीन दिन कार्यालय आने की नीति को “संतुलित और उचित” बताया।

भविष्य की दिशा

इस फैसले के बाद FSU ने चेतावनी दी है कि यह मामला बैंकिंग क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अन्य उद्योगों के लिए भी मिसाल बनेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अब कंपनियों को कर्मचारियों के WFH अनुरोधों को गंभीरता से लेना होगा, वरना कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।