भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर डब्ल्यूईएफ प्रमुख का बड़ा बयान

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर डब्ल्यूईएफ प्रमुख का बड़ा बयान

नई दिल्ली, 18 सितम्बर 2025 – विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे ने भरोसा जताया है कि भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता जल्द ही मूर्त रूप लेगा। उन्होंने कहा कि बीते कुछ सप्ताहों में जो तनाव दिखाई दिया, वह अब अतीत की बात है और दोनों देशों में समाधान खोजने की स्पष्ट इच्छा है।

हालिया तनाव और आगे की राह

ब्रेंडे ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ के मुद्दे और उससे उपजी कूटनीतिक तल्खी अब पीछे छूट चुकी है। उनका मानना है कि अमेरिका एशिया में अपने व्यापार को विविधता देना चाहता है और इसमें भारत एक अहम भागीदार होगा—खासकर अपनी मजबूत सेवा क्षेत्र और उभरते विनिर्माण उद्योग की वजह से।

रूसी तेल और वैश्विक राजनीति

जब उनसे पूछा गया कि रूस से तेल आयात क्या समझौते में अड़चन डाल सकता है, तो ब्रेंडे ने कहा कि यह एक जारी चर्चा का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने अनुमान जताया कि अगले छह महीनों में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी तेल पर पूर्ण प्रतिबंध की वकालत करना सही नहीं होगा, क्योंकि इससे तेल की कीमतें अनियंत्रित हो सकती हैं।

भारत-चीन समीकरण

ब्रेंडे ने भारत और चीन के बीच हालिया नजदीकियों पर संतुलित टिप्पणी की। उनके अनुसार, दोनों एशियाई दिग्गजों का आपसी संवाद और व्यापार दुनिया के लिए सकारात्मक है, लेकिन सीमा विवाद जैसी समस्याएँ चिंता का कारण भी बन सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्लभ खनिज (rare earth) वास्तव में बहुतायत में मौजूद हैं, परंतु अधिकांश संसाधन अभी वाणिज्यिक खनन के लिए तैयार नहीं हैं।

यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर ज़ोर

ब्रेंडे ने विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर जोर दिया और कहा कि यह वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, यूरोपीय संघ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक ब्लॉक है और भारत के लिए इसके साथ समझौता करना बेहद अहम है। साथ ही, यूरोप भी अपने निर्यात के लिए नए बाज़ार तलाश रहा है, जिसमें भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है।