सिडनी के अंदरूनी इलाके रेडफर्न और वाटरलू इन दिनों दहशत में हैं। यहां खुले में घूम रहे खतरनाक कुत्तों ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों और पालतू जानवरों पर हमला किया है। अब तक कई कुत्ते बुरी तरह घायल हो चुके हैं, एक छोटे कुत्ते की मौत हो गई है और कई लोग अस्पताल में भर्ती होने तक मजबूर हुए हैं।
मई महीने में एक घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। वीडियो में तीन बड़े कुत्ते बिना लगाम के घूमते दिखे। तभी एक व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते और बच्चे के साथ गुज़रा। अचानक एक कुत्ता उसके पालतू पर झपट पड़ा। मालिक ने जैसे-तैसे कुत्ते को हवा में उठाकर बचाने की कोशिश की। इस दौरान बाकी कुत्ते बच्चे के बेहद करीब पहुंच गए।
7 जून को रेडफर्न की रीजेंट स्ट्रीट पर एक छोटा कुत्ता बड़े “अमेरिकन स्टैफी” नस्ल के कुत्ते का शिकार हो गया। गंभीर चोटों के चलते उस छोटे कुत्ते की मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में चेतावनी वाले पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा था कि ये ‘किलर डॉग्स’ अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।
स्थानीय निवासी बियांका सैंटो अपने सहायता कुत्ते अहनाला को टहलाने गई थीं। अचानक एक पिटबुल ने हमला कर दिया और कुत्ते को गले से पकड़कर नोचने लगा। अहनाला को नौ सर्जरी के बाद 12 हफ्ते अस्पताल में रहना पड़ा। इलाज पर करीब 15 हजार डॉलर (लगभग 12 लाख रुपये) खर्च हुए। बियांका कहती हैं, “अब मैं किसी पार्क या गली में निकलने से डरती हूं। ये कुत्ते किसी दिन इंसान की जान ले लेंगे।”
कई मामलों में गवाहों ने बताया कि मालिक जानबूझकर कुत्तों की लगाम छोड़ देते हैं। एक घटना में तो मालिक ने तीसरे कुत्ते को खुद छोड़ दिया, जबकि दो पहले ही हमला कर रहे थे। इस दौरान एक पालतू का इलाज 30 हजार डॉलर तक पहुंच गया और पालतू देखभाल करने वाला शख्स खुद भी बुरी तरह घायल हुआ।
पीड़ितों का कहना है कि शिकायतें करने के बावजूद न पुलिस और न ही सिटी ऑफ सिडनी काउंसिल कोई सख्त कदम उठा रही है। कई बार खतरनाक कुत्तों पर आदेश दिए गए, लेकिन मालिक नियम तोड़कर भी सिर्फ जुर्माना भरकर बच निकले।
अब हालात यह हैं कि कई परिवार अपने बच्चों को पार्क में ले जाना बंद कर चुके हैं। लोग कहते हैं कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी त्रासदी होना तय है।