पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ माईकल क्लार्क ने कहा है कि उनकी सबसे बड़ी जीत मैदान पर नहीं बल्कि घर पर मिली है—जब उन्हें पिता बनने का सौभाग्य मिला। क्रिकेट मैदान पर सैकड़ों रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले क्लार्क ने खुलासा किया कि उनकी ज़िंदगी की असली पहचान उनकी बेटी केल्सी ली है।
क्लार्क ने एक साक्षात्कार में कहा, “लोग मेरी क्रिकेट उपलब्धियों की चर्चा करते हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे अहम पल वह था जब मुझे ‘डैड’ कहा गया। मेरी बेटी मेरी प्रेरणा और मेरी ताक़त है। वह मेरी असली ‘सेवियर’ है।”
उन्होंने बताया कि पिता बनने के बाद उनकी सोच और प्राथमिकताएँ पूरी तरह बदल गईं। अब उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है अपनी बेटी के साथ समय बिताना। क्लार्क के मुताबिक, “हर दिन जब मैं उसे देखता हूँ तो महसूस करता हूँ कि मैंने जीवन में सबसे बड़ा तोहफ़ा पा लिया है। चाहे मैदान पर कितनी भी ट्रॉफियां जीती हों, यह रिश्ता उन सबसे ऊपर है।”
क्लार्क ने स्वीकार किया कि क्रिकेट ने उन्हें शोहरत और नाम दिया, लेकिन बेटी के साथ बिताए पल उन्हें सबसे अधिक सुकून देते हैं। उन्होंने कहा कि यही अनुभव उन्हें एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है।
👉 इस तरह, माईकल क्लार्क ने यह साफ कर दिया कि उनके लिए असली उपलब्धि कोई वर्ल्ड कप या सेंचुरी नहीं, बल्कि पिता का दर्जा और बेटी का प्यार है।