दुबई से हजारों लोगों की वापसी, ईरान की चेतावनी से बढ़ा वैश्विक तनाव

दुबई से हजारों लोगों की वापसी, ईरान की चेतावनी से बढ़ा वैश्विक तनाव

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने अब अंतरराष्ट्रीय चिंता को गंभीर रूप दे दिया है। दुबई और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच हजारों विदेशी नागरिक अपने-अपने देशों को लौट रहे हैं। क्षेत्र में अस्थिरता और संभावित सैन्य टकराव के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर संकट गहराया

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाता है, तो वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके बंद होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो सकता है।

अमेरिका-ईरान टकराव तेज

अमेरिका की ओर से कड़ी चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है और खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने भी किसी भी कार्रवाई का “कड़ा जवाब” देने की बात कही है।

क्या यूरोप तक पहुंच सकती हैं ईरानी मिसाइलें?

इस पूरे संकट के बीच सबसे बड़ी चिंता ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने हाल के वर्षों में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास किया है, जिनकी पहुंच हजारों किलोमीटर तक हो सकती है। इससे सैद्धांतिक रूप से यूरोप के कुछ हिस्से, जैसे लंदन और पेरिस, संभावित दायरे में आ सकते हैं।

हालांकि, यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान के पास इस स्तर पर नियमित और सटीक हमले करने की पूर्ण क्षमता है या नहीं। इसके अलावा यूरोपीय देशों के पास उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां मौजूद हैं, जो ऐसे हमलों को रोकने में सक्षम मानी जाती हैं।

जमीनी हालात और बढ़ता पलायन

क्षेत्र में लगातार हमलों और सुरक्षा चिंताओं के कारण आम नागरिकों में भय का माहौल है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी है। दुबई और अन्य खाड़ी शहरों से लोगों की वापसी तेजी से बढ़ रही है।

वैश्विक असर की आशंका

इस संकट का असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। तेल की कीमतों में उछाल, शेयर बाजारों में गिरावट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संभावित असर की चिंता बढ़ गई है। कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपात योजनाओं पर काम कर रहे हैं।