नई दिल्ली, 6 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में आयोजित प्रतिष्ठित कूटनीतिक मंच रायसीना डायलॉग में ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतीबजादेह ने अपने देश का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा संघर्ष ईरान के लिए “अस्तित्व की लड़ाई” बन गया है।
डॉ. खतीबजादेह ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के लिए अमेरिका और इजरायल की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों की कार्रवाइयों से क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों को गंभीर चुनौती मिल रही है। ईरानी उप विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि ईरान की सुरक्षा को खतरा हुआ तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
रायसीना डायलॉग के दौरान डॉ. खतीबजादेह की भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ भी विस्तृत बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाते हुए ईरान को इस मंच पर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग को वैश्विक कूटनीति, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनिया के प्रमुख मंचों में से एक माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंच पर ईरान के उप विदेश मंत्री का बयान पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत करता है और आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।