ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में कारोबार करना अब कई उद्यमियों के लिए असहनीय होता जा रहा है। अत्यधिक कर वृद्धि, बढ़ते अपराध और जटिल सरकारी नियमों के कारण राज्य में व्यवसायों का पलायन तेज़ हो गया है। कारोबारी वर्ग का कहना है कि यह तीनों समस्याएँ मिलकर एक ऐसी स्थिति बना रही हैं, जहाँ व्यापार करना जोखिम भरा और घाटे का सौदा बन चुका है।
हाल के वर्षों में बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स ने अरबों डॉलर की परियोजनाओं से हाथ खींच लिए हैं, वहीं कई दशकों से चल रहे पारिवारिक उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। कुछ प्रमुख निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर लगाए गए करों में 1000 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।
मेलबर्न के कई उपनगरों में बढ़ती हिंसा ने खुदरा व्यापारियों को भयभीत कर दिया है। सुपरमार्केट और छोटे दुकानदारों का कहना है कि हथियारबंद किशोर गिरोहों के हमले आम होते जा रहे हैं। कुछ स्टोर मालिक अब विक्टोरिया से अपने कारोबार समेटने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि कर्मचारी काम पर आने से डरने लगे हैं।
कैफे और छोटे व्यवसाय, जो कभी आत्मनिर्भर बनने का सपना थे, अब रोज़मर्रा की हिंसा के कारण बंद हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि “कॉफी परोसना भी अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।”
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच 3,085 व्यवसाय विक्टोरिया छोड़कर अन्य राज्यों में चले गए। वहीं, इसी अवधि में क्वींसलैंड ने 4,276 नए व्यवसायों का स्वागत किया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि कारोबारी भरोसा विक्टोरिया से हट रहा है।
विक्टोरियन सरकार ने इन आंकड़ों को “राजनीतिक रूप से प्रेरित विश्लेषण” बताते हुए खारिज किया है और दावा किया है कि वह व्यवसायों के लिए लालफीताशाही कम कर रही है। हालांकि, उद्योग संगठनों की राय इससे अलग है।
बिज़नेस काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, विक्टोरिया इस समय देश का सबसे कठोर कर लगाने वाला राज्य बन चुका है। परिषद का कहना है कि अत्यधिक कर और जटिल लाइसेंसिंग नियम निवेशकों को साफ संदेश दे रहे हैं — “यहाँ निवेश न करें।”
डैंडेनॉन्ग साउथ में एक औद्योगिक इकाई के मालिक एंजी रोमैस बताते हैं कि उनकी 17 हेक्टेयर ज़मीन पर लगने वाला लैंड टैक्स 2015 में 8,700 डॉलर से बढ़कर 2025 में 2 लाख डॉलर से अधिक हो गया है।
उनका कहना है, “मेहनत करने की सज़ा हमें भारी करों के रूप में मिल रही है। इस राज्य में मेहनत का कोई सम्मान नहीं बचा।”
उन्होंने राज्य राजस्व कार्यालय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार शुरू कर दिया है।
राज्य से बाहर के व्यवसायियों की प्रतिक्रिया और भी चौंकाने वाली है। एंजी कहते हैं,
“दूसरे राज्यों के कारोबारी मुझसे कहते हैं — ‘भगवान का शुक्र है कि हम विक्टोरिया में नहीं रहते या काम नहीं करते।’”
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माने जाने वाला विक्टोरिया आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। अगर कर नीति, अपराध नियंत्रण और नियामकीय ढांचे में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो राज्य को रोजगार, निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।