जागरण संवाददाता, यमुनानगर।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। यमुनानगर के गांव सारण निवासी दो चचेरे भाइयों से ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 9 लाख 61 हजार रुपये हड़प लिए गए। आरोप पंजाब के मोहाली स्थित एक इमिग्रेशन फर्म और उसके संचालकों पर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित विक्रम सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उसका चचेरा भाई पंकज विदेश जाकर काम करना चाहते थे। इसी सिलसिले में जून 2024 में वे मोहाली के सेक्टर-67 स्थित रिचमंड कंसल्ट नामक इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों दिव्या, कर्णदीप, सतवीर और खुद को फर्म का मालिक बताने वाले अमनदीप ने ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिलाया।
आरोपितों ने वीजा प्रक्रिया के लिए कुल 14 लाख रुपये खर्च बताया और अलग-अलग किश्तों में दोनों भाइयों से 9.61 लाख रुपये ले लिए। आरोप है कि लिखित रूप में यह आश्वासन भी दिया गया था कि यदि अक्टूबर 2024 तक वीजा नहीं लगता है, तो पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।
काफी समय बीतने के बाद भी जब वीजा नहीं मिला तो पीड़ितों ने फर्म से संपर्क किया, लेकिन उन्हें टालमटोल जवाब दिए जाने लगे। बाद में जब वे मोहाली स्थित कार्यालय पहुंचे तो वह बंद मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपितों ने किसी अन्य नाम से नया कार्यालय खोल लिया है।
पीड़ितों ने नए कार्यालय में जाकर अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपितों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों भाइयों ने थाना छप्पर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।