सिडनी के पश्चिमी हिस्से में स्थित “दूसरे शहर” के रूप में मशहूर पररामट्टा (Parramatta) क्षेत्र में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां के एक शांत, हरियाली से भरे मोहल्ले में 126 यूनिट्स वाला नौ मंज़िला अपार्टमेंट ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव स्थानीय निवासियों के गले नहीं उतर रहा।
पहले से भरा हुआ है इलाका
पररामट्टा का व्यावसायिक केंद्र पहले ही ऊंची इमारतों, अपार्टमेंट ब्लॉक्स और ऑफिस टावरों से भरा हुआ है। लेकिन यह विशेष इलाका अब तक अपेक्षाकृत शांत और कम-घनत्व वाला रहा है। लोग इसे ‘शहर के बीच का सुकून’ मानते हैं। प्रस्तावित प्रोजेक्ट इसी शांत इलाके के किनारे पर बनने वाला है, जिससे निवासियों का मानना है कि भीड़-भाड़, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ जाएगा।
स्थानीय लोगों का गुस्सा
इलाके के निवासी इस योजना को “पागलपन” और “आपदा को न्योता” बता रहे हैं।
एक बुजुर्ग निवासी, जो यहां पिछले 25 साल से रह रहे हैं, ने कहा,
“हमने यहां इसलिए घर लिया था ताकि ऊंची-ऊंची इमारतों के जंगल से दूर रह सकें। अब हमारे सामने ही 9 मंज़िला टावर खड़ा करने की योजना बनाई जा रही है। यह हमारी शांति और बच्चों की सुरक्षा, दोनों के खिलाफ है।”
ट्रैफिक और पार्किंग की चुनौती
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता है ट्रैफिक का बढ़ना और पार्किंग की समस्या। इलाके की सड़कों पर पहले ही पीक ऑवर में जाम लग जाता है। 126 नए फ्लैट्स का मतलब है कम से कम 200 से ज्यादा अतिरिक्त वाहन — जो मौजूदा ढांचे पर भारी बोझ डालेंगे।
कानूनी लड़ाई की तैयारी
समुदाय ने इस प्रस्ताव के खिलाफ स्थानीय प्रशासन को आपत्ति पत्र सौंप दिया है और ज़रूरत पड़ने पर अदालत जाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि नगर नियोजन में पहले से तय ‘लो-डेंसिटी’ (कम घनत्व) ज़ोनिंग के खिलाफ जाकर यह प्रोजेक्ट इलाके का स्वरूप बदल देगा।
डेवलपर का पक्ष
डेवलपर कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए है और इसमें आधुनिक सुविधाएं, ग्रीन स्पेस और टिकाऊ निर्माण तकनीक का इस्तेमाल होगा। लेकिन निवासी इसे महज एक “कॉर्पोरेट लाभ का खेल” मानते हैं।
आगे क्या?
स्थानीय काउंसिल इस पर आने वाले हफ्तों में विचार करेगी और समुदाय की आपत्तियों को भी सुनेगी। अगर योजना मंज़ूर हुई तो निर्माण अगले साल से शुरू हो सकता है।