नई दिल्ली, 11 जुलाई 2025
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया इतिहास रचते हुए अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी एनविडिया (NVIDIA) ने 4 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 334 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) को पार कर लिया है। यह उपलब्धि न सिर्फ टेक सेक्टर के लिए बल्कि वैश्विक व्यापार जगत के लिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है।
एनविडिया की यह वैल्यूएशन उसे भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से 22 गुना बड़ी बनाती है। इतना ही नहीं, यह आंकड़ा भारत की कुल जीडीपी (GDP) के लगभग बराबर पहुँच चुका है, जो कि विश्व बैंक के अनुसार 2024 में करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई थी।
एनविडिया की शुरुआत 1993 में एक ग्राफिक्स चिप बनाने वाली कंपनी के तौर पर हुई थी। लेकिन बीते 15 वर्षों में इस कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी और ऑटोमेटेड सिस्टम्स जैसे क्षेत्रों में जिस तेजी से विस्तार किया है, वह अद्वितीय है।
एनविडिया के शेयरधारकों के लिए यह सफर सोने से कम नहीं रहा। 2009 के बाद से अब तक कंपनी ने निवेशकों को लगभग 800 गुना रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि अगर किसी ने 15 साल पहले 10,000 रुपये का निवेश किया होता, तो आज उसकी कीमत 80 लाख रुपये से ज्यादा हो गई होती।
| कंपनी | मार्केट कैप (ट्रिलियन डॉलर में) |
|---|---|
| एनविडिया | 4.00 |
| एप्पल | 3.60 |
| माइक्रोसॉफ्ट | 3.45 |
| रिलायंस | 0.18 |
| TCS | 0.15 |
एनविडिया की असली ताकत उसके AI चिप्स हैं, जो आज के समय में दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक अनिवार्य जरूरत बन गए हैं। ChatGPT जैसे एआई टूल से लेकर ऑटोनॉमस कार्स तक, सबमें एनविडिया की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है।