पैरामेट्टा रोड पर 31,000 नए मकानों की योजना: इनर वेस्ट काउंसिल की योजना पर बवाल

पैरामेट्टा रोड पर 31,000 नए मकानों की योजना: इनर वेस्ट काउंसिल की योजना पर बवाल

सिडनी – इनर वेस्ट काउंसिल द्वारा व्यस्त और पहले से ही घनी आबादी वाले इलाकों जैसे कि मर्रिकविल, ऐशफील्ड और लिलिचहार्ट में आवासीय घनत्व को बढ़ाने की योजना को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। काउंसिल का प्रस्ताव है कि पैरामेट्टा रोड के किनारे 31,000 नए मकानों का निर्माण किया जाए, जिससे आवास संकट को कुछ हद तक सुलझाया जा सके।

यह योजना न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार की उस व्यापक नीति के तहत आती है जिसमें सिडनी के भीतरी इलाकों में अधिक घनी आवासीय इकाइयों का निर्माण कर शहरीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन स्थानीय निवासियों और कुछ पार्षदों का मानना है कि यह योजना न केवल ट्रैफिक और भीड़भाड़ को बढ़ाएगी, बल्कि पहले से ही सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डालेगी।

योजना पर दोतरफा प्रतिक्रिया

इनर वेस्ट काउंसिल की यह योजना जहाँ एक ओर शहरी आवास की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर इसके विरोध में आवाजें भी तेज हो गई हैं। कई स्थानीय निवासी इसे "अत्यधिक और अव्यवस्थित विकास" की संज्ञा दे रहे हैं।

एक निवासी ने बताया, "हम पहले ही यातायात और पार्किंग की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अगर इतनी बड़ी संख्या में नए अपार्टमेंट बनाए गए, तो हालात और बिगड़ जाएंगे।"

वहीं, काउंसिल के समर्थकों का कहना है कि यह विकास आवश्यक है ताकि युवा परिवारों, छात्रों और कामकाजी लोगों को सस्ती और सुलभ आवासीय सुविधाएं मिल सकें।

सरकार और काउंसिल का पक्ष

इनर वेस्ट काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा, "यह योजना पर्यावरण के अनुकूल, सार्वजनिक परिवहन से जुड़े और भविष्य उन्मुख विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर निर्माण में हरियाली, सामाजिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे का ध्यान रखा जाए।"

NSW सरकार भी चाहती है कि सिडनी के केंद्रीय क्षेत्रों में अधिक आवासीय विकास हो, ताकि शहर के बाहरी इलाकों में फैलाव को रोका जा सके और आवागमन में लगने वाले समय को घटाया जा सके।

आगे क्या?

काउंसिल द्वारा प्रस्ताव को सार्वजनिक परामर्श के लिए पेश किया गया है। आने वाले हफ्तों में आम जनता से फीडबैक लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह महत्वाकांक्षी योजना समुदाय की सहमति से आगे बढ़ पाती है या विरोध के चलते इसमें बदलाव किए जाते हैं।