विदेशी छात्रों के वीज़ा मामलों में आसमान छूते दबाव के बीच ऑस्ट्रेलिया की प्रशासनिक समीक्षा प्रणाली गम्भीर संकट से जूझ रही है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक लगभग 50,000 छात्र वीज़ा आवेदन समीक्षा के लिए लंबित हैं, जबकि अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इन्हें निपटाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
एडमिनिस्ट्रेटिव रिव्यू ट्रिब्यूनल (ART) ने बताया कि 30 जून 2025 तक 46,590 छात्र वीज़ा मामले लंबित थे, जो संस्था के कुल मामलों का 38 प्रतिशत है। इनमें से 13,000 से अधिक मामले एक से दो साल पुराने हैं।
ART के मुख्य कार्यकारी और प्रिंसिपल रजिस्ट्रार माइकल हॉकिंस ने संसद की समिति के सामने स्थिति को “पिछले वर्षों में अप्रत्याशित विस्फोट” बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या छात्र वीज़ा मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है, तो उनका स्पष्ट जवाब था—
“बहुत अधिक त्रिआज (छँटाई) नहीं हो पा रही, क्योंकि हमारे पास इस बड़े समूह पर काम करने के लिए संसाधन ही नहीं हैं।”
उन्होंने बताया कि नई भर्ती किए जा रहे कर्मचारियों को छात्र और संरक्षण वीज़ा मामलों में लगाया जाएगा, ताकि लंबे समय से रुके फैसलों पर काम तेज़ हो सके।
जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच ART ने कुल 3886 मामलों का निपटारा किया, जिनमें से 44 प्रतिशत मामलों में मूल निर्णय बदल दिया गया।
कुल लंबित मामलों की संख्या भी तीन महीनों में 10 प्रतिशत बढ़कर 1,24,000 पहुँच गई है।
69,903 केस प्रवासन से जुड़े हैं
40,413 केस संरक्षण (प्रोटेक्शन) से जुड़े हैं
ART का लक्ष्य वर्ष के अंत तक 71,045 मामलों का निपटारा करना है।
31 अक्टूबर तक ART में 281.2 फुल-टाइम समकक्ष कर्मचारी कार्यरत थे।
27 अक्टूबर को 27 नए अधिकारी शामिल हुए और जून 2026 तक 37 और कर्मचारियों के जुड़ने की उम्मीद है।
इसके बावजूद संस्था अपनी स्वीकृत संख्या से 97.9 पदों की कमी झेल रही है, जबकि बजट में कुल 430 पद स्वीकृत हैं।
अटॉर्नी जनरल विभाग की सचिव कैथरीन जोन्स PSM ने बताया कि ART में नियुक्तियों को लेकर “काफी तेज़ी से काम” किया जा रहा है और भविष्य की नियुक्तियों के लिए भी योजनाएँ बन रही हैं।