सिडनी। नई रिपोर्ट से पता चला है कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के तकनीकी क्षेत्र की नौकरियों को ख़त्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्पादक बनाएगा।
शिक्षा और शोध कंपनी पियरसन ने ऑस्ट्रेलिया के सॉफ़्टवेयर डेवलपर्स, सिस्टम एनालिस्ट्स और नेटवर्क आर्किटेक्ट्स जैसे अहम आईटी पदों पर गहन अध्ययन किया। रिपोर्ट में पाया गया कि अगले पाँच सालों में AI की मदद से इन भूमिकाओं में काम करने वाले कर्मचारी हर हफ़्ते औसतन 4.5 से 7 घंटे बचा पाएंगे।
पियरसन एशिया पैसिफ़िक के कार्यकारी क्रेग मैकफ़ार्लेन ने कहा,
“हम बाहरी टैलेंट के पीछे भागने की बजाय मौजूदा कर्मचारियों की भूमिकाओं को फिर से डिज़ाइन करें। AI हमें समय दे रहा है, जिसे हम अपस्किलिंग, रचनात्मकता और नवाचार में लगा सकते हैं।”
विश्लेषण में बताया गया है कि 34 उभरती तकनीकों का असर 76,600 अलग-अलग कार्यों पर देखा गया। इससे नतीजा निकला कि आईटी सेक्टर में दोहराव वाले काम स्वचालित हो जाएंगे और कर्मचारी उच्च-स्तरीय सोच और रणनीतिक काम पर ध्यान दे पाएंगे।
आईटी के अलावा बैंकिंग और वित्तीय संस्थान सबसे तेज़ी से AI और रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) अपना रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल डायग्नॉस्टिक और डेटा एनालिसिस में बढ़ रहा है।
खनन कंपनियाँ सुरक्षा और दक्षता के साथ-साथ मशीनों के रखरखाव में AI अपना रही हैं।
खुदरा और लॉजिस्टिक्स में डिमांड पूर्वानुमान और सप्लाई चेन प्रबंधन में AI का उपयोग हो रहा है।
मेलबर्न के सेंट मैरी मैककिलॉप कॉलेज ने पढ़ाई में जेनरेटिव AI का प्रयोग शुरू किया है।
कक्षा 7 से 10 तक के छात्र एजुकेशन परफेक्ट नामक AI फ़ीडबैक टूल से सीख रहे हैं।
कक्षा 10 से 12 तक के छात्र पर्प्लेक्सिटी नामक चैटबॉट का इस्तेमाल रिसर्च और क्रिटिकल थिंकिंग के लिए कर रहे हैं।
डिजिटल लर्निंग कोऑर्डिनेटर ट्रेंट विल्सन ने कहा,
“AI छात्रों के काम को नहीं लिख रहा, बल्कि उन्हें अपने विचारों को बेहतर बनाने और सुधारने की दिशा दिखा रहा है। हमारा फ़ोकस है कि बच्चे तकनीक का नैतिक और सुरक्षित उपयोग करना सीखें।”
एजुकेशन परफेक्ट टूल के सह-संस्थापक शेन स्मिथ का कहना है,
“AI शिक्षकों का बोझ कम करेगा और उन्हें छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान देने का समय देगा। यह शिक्षक की भूमिका को कम नहीं, बल्कि मज़बूत करेगा।”