कोएलिशन में दरार पर टोनी एबॉट का तीखा हमला, कहा—एकजुट हुए बिना सत्ता में वापसी असंभव

कोएलिशन में दरार पर टोनी एबॉट का तीखा हमला, कहा—एकजुट हुए बिना सत्ता में वापसी असंभव

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Abbott ने विपक्षी कोएलिशन में जारी टूट-फूट पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे आत्मघाती राजनीतिक कदम बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि लिबरल और नेशनल पार्टियां अलग-अलग रास्ते पर चलती रहीं, तो वे “कभी भी सरकार नहीं बना पाएंगी”। एबॉट ने मौजूदा हालात को लेकर गहरी चिंता जताते हुए पार्टी नेतृत्व और सांसदों से आपसी मतभेद भुलाकर एकता बहाल करने की अपील की।

एबॉट का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कोएलिशन के भीतर नेतृत्व संकट गहराता जा रहा है। लिबरल पार्टी में मौजूदा नेता को हटाने को लेकर अंदरूनी चर्चाएं तेज हैं और कई वरिष्ठ सांसद सार्वजनिक रूप से असंतोष जता चुके हैं। इस पृष्ठभूमि में एबॉट ने कहा कि आंतरिक कलह और सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से न केवल पार्टी की छवि खराब होती है, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी कमजोर पड़ता है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि कोएलिशन की ऐतिहासिक सफलता उसकी एकजुटता, साझा नीति और अनुशासित संगठनात्मक ढांचे की वजह से रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टियां व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और गुटबाजी में उलझी रहीं, तो इसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ दल को मिलेगा। एबॉट ने कहा, “विपक्ष का काम सरकार को जवाबदेह बनाना है, न कि आपस में लड़कर खुद को कमजोर करना।”

उन्होंने यह भी कहा कि देश की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच एक मजबूत, विश्वसनीय और संगठित विपक्ष की जरूरत है। इसके लिए आवश्यक है कि कोएलिशन स्पष्ट नीति एजेंडा पेश करे, नेतृत्व को लेकर भ्रम खत्म करे और मतदाताओं के सामने एक संयुक्त विकल्प रखे।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, एबॉट का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि कोएलिशन के भीतर बढ़ते असंतोष और रणनीतिक दिशाहीनता का संकेत है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि पार्टी नेतृत्व इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या नहीं। यदि एकता की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोएलिशन के लिए अगला चुनाव और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।