पटना:
बिहार की राजनीति में उस समय नया भूचाल आ गया जब भाकपा (माले) के सांसद सुदामा प्रसाद की पत्नी शोभा देवी के नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दो मतदाता पहचान पत्र होने का मामला सामने आया। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव खुद यह आरोप लगा चुके हैं कि बिहार की मसौदा मतदाता सूची से उनका नाम "जानबूझकर" हटा दिया गया है।
चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शोभा देवी का एक EPIC नंबर RGX3264140 आरा विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत है, जबकि दूसरा EPIC नंबर WVA0308544 अगियांव विधानसभा क्षेत्र में है। दोनों ही पहचान पत्र अलग-अलग मतदान केंद्रों से जुड़े हुए हैं — एक लावारिस सेवा केंद्र और दूसरा सामुदायिक भवन अरैल।
सांसद सुदामा प्रसाद ने बिहार के नए सिस्टमेटिक इलेक्टोरल रोल (SIR) पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। अब जब उनकी पत्नी के नाम दो वोटर आईडी सामने आए हैं, तो यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
तेजस्वी यादव ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया था कि 1 जुलाई की पात्रता तिथि पर आधारित मसौदा मतदाता सूची में उनका नाम गायब है। सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी के पास भी दो अलग-अलग EPIC नंबर हो सकते हैं, जिनमें से एक ही सूची में मान्य है।
दीघा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) ने तेजस्वी यादव को पत्र भेजकर उनके उस EPIC नंबर का विवरण मांगा है, जिसे वे 'गायब' बता रहे हैं। ईआरओ ने उनसे उस पहचान पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत करने को भी कहा है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त तक इस मामले पर सुनवाई स्थगित की है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि मतदाता सूची से "बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाते हैं", तो अदालत इस पर तुरंत हस्तक्षेप करेगी।