ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने देश में बढ़ती यहूदी-विरोधी (एंटीसेमिटिज़्म) घटनाओं को लेकर एक राष्ट्रीय रॉयल कमीशन गठित करने की घोषणा की है। यह फैसला उन्होंने हाल के हफ्तों में हुई गंभीर घटनाओं और व्यापक जन-दबाव के बाद लिया है।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा,
“मैंने इस मुद्दे पर गहराई से विचार करने के लिए समय लिया है। यह स्पष्ट हो गया है कि समाज में फैल रही नफरत और हिंसा की जड़ों की निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है।”
पिछले कुछ हफ्तों से यहूदी समुदाय, वरिष्ठ वकीलों, उद्योग जगत के नेताओं और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों द्वारा संघीय स्तर पर रॉयल कमीशन की मांग की जा रही थी। उनका तर्क था कि बढ़ती नफरत, धमकियों और हिंसक घटनाओं की जांच के लिए रॉयल कमीशन ही सबसे प्रभावी और पारदर्शी माध्यम है।
हालांकि, प्रधानमंत्री ने लंबे समय तक इस मांग का विरोध किया, जिससे उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठे। आलोचकों का कहना था कि सरकार की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं थी और यह मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ा है।
अब घोषित रॉयल कमीशन का उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि यहूदी-विरोधी घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं, मौजूदा कानून और नीतियां कहां विफल हो रही हैं, और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार ने संकेत दिया है कि रॉयल कमीशन की सिफारिशों के आधार पर कड़े कानूनी और नीतिगत सुधार किए जाएंगे, ताकि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत और भेदभाव के लिए कोई जगह न रहे।