कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने कहा है कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ग़ाज़ा शांति बोर्ड में शामिल होने के निमंत्रण पर विचार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव को ऑस्ट्रेलिया की निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं के तहत “सम्मानपूर्वक” परखा जाएगा।
सोमवार सुबह ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) से बातचीत में अल्बानीज़ ने बताया कि उन्हें यह निमंत्रण रविवार रात व्हाइट हाउस से प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा, “हम इस तरह के सभी अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों पर गंभीरता और सम्मान के साथ विचार करते हैं और निर्णय उचित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि फिलहाल उनका ध्यान संसद के शीघ्र सत्र पर है, जिसमें बॉन्डी आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जानी है, साथ ही बंदूक नियंत्रण और यहूदी विरोधी घृणा से निपटने से जुड़े कानून पेश किए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गठित यह ग़ाज़ा शांति बोर्ड, युद्ध के बाद क्षेत्र के पुनर्निर्माण और सत्ता संक्रमण की निगरानी के लिए बनाया गया है। यह बोर्ड ट्रंप की पिछले वर्ष घोषित 20-सूत्रीय शांति योजना का हिस्सा है।
इस बोर्ड में मिस्र, तुर्किये और जॉर्डन के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा अर्जेंटीना के राष्ट्रपति Javier Milei और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney को भी निमंत्रण भेजा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, दर्जनों देशों को इसमें शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है।
ट्रंप ने इस समूह को “अब तक का सबसे महान और प्रतिष्ठित बोर्ड” बताया है।
ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री Richard Marles ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया इस निमंत्रण का स्वागत करता है।
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व में शांति स्थापित होना बेहद ज़रूरी है ताकि मानवीय सहायता पहुँच सके और क्षेत्र का पुनर्निर्माण हो सके। हम अमेरिका के साथ बातचीत कर यह समझने की कोशिश करेंगे कि इस बोर्ड में शामिल होने का अर्थ और दायित्व क्या होंगे।”
इस बीच, इज़राइल सरकार ने बोर्ड की कुछ संभावित नियुक्तियों पर आपत्ति जताई है। इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि कुछ नामों पर उनसे परामर्श नहीं किया गया और वे उनकी नीति के अनुरूप नहीं हैं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने स्थायी सदस्यता के लिए देशों से सामूहिक रूप से कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर के योगदान का अनुरोध किया है, जबकि अस्थायी सदस्यता निःशुल्क होगी।
इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अलग “संस्थापक कार्यकारी बोर्ड” की भी घोषणा की है, जिसकी अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। इस बोर्ड में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio, विशेष दूत Steve Witkoff, ट्रंप के दामाद Jared Kushner, और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Tony Blair शामिल होंगे।