स्पेन के दक्षिण-पूर्वी शहर टोरे पाचेको में एक 68 वर्षीय बुज़ुर्ग पर कथित रूप से उत्तरी अफ्रीकी युवकों द्वारा किए गए बर्बर हमले के बाद प्रवासी विरोधी दंगे भड़क उठे। इस घटना ने देशभर में आक्रोश की लहर फैला दी है और कई इलाकों में हिंसा, तोड़फोड़ और गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हैं।
तीन रातों तक चला उपद्रव
स्पेन की पुलिस के अनुसार, अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 80 अन्य की पहचान की गई है, जिनमें से कई पर पूर्व में हिंसा के मामले दर्ज हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इन उपद्रवियों में से अधिकांश टोरे पाचेको के निवासी नहीं हैं। हिंसा को काबू में करने के लिए सिविल गार्ड की 90 अधिकारियों की अतिरिक्त टुकड़ी को शहर में तैनात किया गया है।
बुज़ुर्ग पर हमला और वायरल तस्वीर
घटना बुधवार सुबह 5:30 बजे की है जब 68 वर्षीय डोमिंगो टोमास पर उस समय हमला हुआ जब वह अपनी सुबह की सैर पर निकले थे। उन्होंने बताया कि तीन युवकों ने उन पर अचानक हमला किया और लाठी से पीटा। सोशल मीडिया पर उनके घायल चेहरे की तस्वीर और एक वीडियो के वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
हालांकि, श्री टोमास ने यह स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना वही नहीं है जिसमें उन्हें पीटा गया, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कुछ चरमपंथी गुट दुष्प्रचार फैला रहे हैं।
दंगों को उकसाने का आरोप
घटना के बाद देश की दक्षिणपंथी पार्टी वॉक्स पर नफरत फैलाने और प्रवासियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगा है। एक चरमपंथी संगठन "डिपोर्ट देम नाउ" ने उत्तरी अफ्रीकी लोगों पर हमले करने के लिए ऑनलाइन पोस्ट डाली थी।
टोरे पाचेको के मेयर पेद्रो एंजेल रोका ने बताया कि सोशल मीडिया पर उकसावे वाले संदेशों के कारण शहर में तनाव और बढ़ा है। उन्होंने प्रवासी समुदाय से शांति बनाए रखने और घरों से बाहर न निकलने की अपील की।
प्रवासी समुदाय में डर का माहौल
शहर की 40,000 की जनसंख्या में से लगभग 30 प्रतिशत लोग प्रवासी हैं, जिनमें अधिकतर कृषि मजदूर हैं। इनमें से अधिकांश दो दशकों से अधिक समय से वहां रह रहे हैं। हमलों के बाद प्रवासी समुदाय में डर का माहौल है। एक प्रवासी अब्देलाली ने बताया, "मैं अपने स्कूटर पर निकलता हूँ तो डर लगता है कि कहीं कोई बोतल मार न दे। हम सिर्फ शांति चाहते हैं।"
राजनेताओं की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने हिंसा के लिए स्पष्ट रूप से दक्षिणपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अवैध प्रवासियों और अपराध दर के बीच कोई ठोस आंकड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ वाहनों को शहर में घुसने से रोका गया, जिनमें डंडे और हथियार लेकर लोग बैठे थे।
टोमास की पत्नी एनकार्नासिओन ने भी दंगाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि "वे वही कर रहे हैं जो उन्होंने डोमिंगो के साथ किया। उन्हें शहर छोड़ देना चाहिए।"
निष्कर्ष
यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक आपराधिक घटना को राजनीतिक और नस्लीय हिंसा में बदला जा सकता है। स्पेन में प्रवासी समुदाय पर मंडराता खतरा और नफरत की राजनीति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। प्रशासन और समाज को मिलकर इन हालातों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की आवश्यकता है।