कैनबरा/काराकास। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने कहा है कि उनकी सरकार वेनेज़ुएला में तेजी से बदलते हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है, जो अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला पर किए गए बड़े पैमाने के सैन्य हमलों के बाद सामने आई है।
सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर जारी बयान में अल्बनीज़ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया को वेनेज़ुएला की स्थिति को लेकर लंबे समय से चिंता रही है, खासकर लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के सम्मान को लेकर। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और वेनेज़ुएला में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक परिवर्तन का समर्थन करता है, जो वहां की जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करे।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro को हिरासत में लिया गया है। ट्रंप ने मादुरो पर अमेरिका में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का सरगना होने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में “सुरक्षित और व्यवस्थित राजनीतिक संक्रमण” तक शासन चलाएगा।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। उपग्रह तस्वीरों के अनुसार राजधानी काराकास सहित कई क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वेनेज़ुएला में मौजूद अपने नागरिकों के लिए कांसुलर सहायता को लेकर भी जानकारी जारी की है। सरकार ने कहा कि जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वहां सहायता के मुहताज हैं, वे 24 घंटे चलने वाली आपात कांसुलर सेवा से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का वेनेज़ुएला में कोई दूतावास या वाणिज्य दूतावास नहीं है, जिससे वहां प्रत्यक्ष सहायता की क्षमता बेहद सीमित है।
सरकारी यात्रा सलाह वेबसाइट ‘स्मार्ट ट्रैवलर’ ने वेनेज़ुएला के लिए अपनी चेतावनी बरकरार रखते हुए “यात्रा न करने” की सलाह दी है। ताजा अपडेट में कहा गया है कि देश में सैन्य हमलों के चलते आपातकाल लागू है और सुरक्षा हालात बेहद अनिश्चित हैं, जो आगे और बिगड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को, यदि सुरक्षित हो, तो जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है, क्योंकि उड़ानों में व्यवधान और हवाई क्षेत्र के अचानक बंद होने की आशंका बनी हुई है।