ऑस्ट्रेलिया पर मंडरा रहा ईंधन संकट, 20 अप्रैल के बाद आपूर्ति रुकने का खतरा

ऑस्ट्रेलिया पर मंडरा रहा ईंधन संकट, 20 अप्रैल के बाद आपूर्ति रुकने का खतरा

ऑस्ट्रेलिया में तेल आपूर्ति को लेकर एक गंभीर संकट की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक निवेश बैंक JP Morgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव ऑस्ट्रेलिया पर भी पड़ेगा।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 20 अप्रैल के बाद ऑस्ट्रेलिया को मिलने वाली अधिकांश तेल आपूर्ति रुक सकती है। यह स्थिति Strait of Hormuz में बाधा के कारण उत्पन्न हुई है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है।

सप्लाई चेन पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकट “पूर्व से पश्चिम” की ओर बढ़ेगा। एशिया और अफ्रीका में इसका असर अप्रैल की शुरुआत से ही दिखना शुरू हो सकता है, जबकि अमेरिका और यूरोप में कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया की स्थिति ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी अधिकांश ईंधन जरूरतें एशियाई देशों—जैसे दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया—से पूरी करता है। ये देश स्वयं खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने फिलहाल किसी भी प्रकार के COVID-जैसे प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है। वहीं ऊर्जा मंत्री Chris Bowen ने कहा है कि रद्द हुई सभी शिपमेंट्स को वैकल्पिक स्रोतों से बदल दिया गया है।

अमेरिका से मंगाया जा रहा ईंधन

स्थिति से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका से ईंधन आयात शुरू कर दिया है, जो सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम होता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका से लगभग 20 लाख बैरल ईंधन की पांच खेपें अप्रैल के मध्य से मई की शुरुआत तक पहुंच सकती हैं।

वैश्विक बाजार में उछाल

इस संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 100 डॉलर के पार चला गया है।

इस बीच, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका की अधिकांश शर्तों को मानने के लिए तैयार है और तेल आपूर्ति बहाल करने के संकेत दिए हैं।