ऑस्ट्रेलिया की हाउसिंग टैक्स प्रणाली में प्रस्तावित बड़े बदलाव से आवास आपूर्ति में भारी कमी, संपत्ति की कीमतों में गिरावट और अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। यह खुलासा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में हुआ है।
यह रिपोर्ट मास्टर बिल्डर्स ऑस्ट्रेलिया, हाउसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन, प्रॉपर्टी काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया और रियल एस्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा तैयार की गई है। इसमें नेगेटिव गियरिंग खत्म करने, कैपिटल गेन टैक्स (CGT) में छूट हटाने और दोनों उपायों को एक साथ लागू करने के प्रभावों का अध्ययन किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, केवल नेगेटिव गियरिंग हटाने से सबसे बड़ा असर पड़ेगा। इससे दशक के अंत तक लगभग 45,524 नए घरों के निर्माण में कमी आ सकती है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 3.1 अरब डॉलर की गिरावट आ सकती है।
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि इस तरह के बदलाव से अल्पकाल में मकानों की कीमतों में गिरावट आ सकती है, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिल सकती है।
वहीं, कैपिटल गेन टैक्स में छूट खत्म करने से भी आवास आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा। इसके कारण करीब 33,353 घरों की कमी हो सकती है और अर्थव्यवस्था को 2.2 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है।
यदि दोनों नीतियों को एक साथ लागू किया जाता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस स्थिति में करीब 46,000 घरों के निर्माण में कमी आने का अनुमान है, जबकि अर्थव्यवस्था को 3 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी परिस्थितियों में निवेश घटने से नए घरों का निर्माण कम होगा, जिससे निर्माण क्षेत्र में रोजगार पर भी असर पड़ेगा। नेगेटिव गियरिंग हटाने से हर साल औसतन 4,288 नौकरियां कम हो सकती हैं, जबकि CGT में बदलाव से अतिरिक्त 3,000 से अधिक नौकरियों पर खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, घरों की कीमतों में गिरावट से खरीदारों को अल्पकालिक राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय में किराए के बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि “लागत बढ़ने और किराये के मकानों की आपूर्ति घटने से किराए में बढ़ोतरी होगी।” अनुमान है कि दशक के अंत तक किराए में सामान्य स्थिति की तुलना में 2.4 प्रतिशत तक अधिक वृद्धि हो सकती है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब ऑस्ट्रेलिया में हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी और टैक्स सुधार को लेकर बहस तेज हो रही है।