ऑस्ट्रेलिया घरेलू हस्तक्षेप से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं: लेबर सांसद

ऑस्ट्रेलिया घरेलू हस्तक्षेप से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं: लेबर सांसद

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते सुरक्षा खतरों और संघीय नेताओं के खिलाफ तेज होती धमकियों के बीच सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के सांसद जेरोम लैक्सेल ने चेतावनी दी है कि देश घरेलू हस्तक्षेप और आंतरिक अस्थिरता से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (WA) में एक कथित आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है।

लैक्सेल, जो सिडनी के बेनेलोंग निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि हाल के महीनों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धमकियों और डराने-धमकाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया को आंतरिक हस्तक्षेप और चरमपंथी गतिविधियों के बढ़ते जोखिम को गंभीरता से लेना होगा। हमारे लोकतंत्र की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि हम इन खतरों का समय रहते और प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।”

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में सामने आई कथित आतंकी साजिश ने सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया है। संघीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त अभियान में इस साजिश को विफल किया। हालांकि अधिकारियों ने जांच जारी होने का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन इस घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली भ्रामक सूचनाएं और कट्टरपंथी विचारधाराएं घरेलू हस्तक्षेप और उग्रवाद को बढ़ावा दे सकती हैं। ऐसे में सांसदों और सार्वजनिक पदाधिकारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

सरकार ने संकेत दिया है कि वह सुरक्षा कानूनों और संसाधनों की समीक्षा करेगी, ताकि संभावित खतरों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। विपक्ष ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सहयोग करने की बात कही है।

विश्लेषकों का कहना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बीच ऑस्ट्रेलिया को अपनी आंतरिक सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करना होगा, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था सुरक्षित और सुदृढ़ बनी रहे।