ISIS से जुड़े परिवारों के एक सदस्य की वापसी पर दो साल का प्रतिबंध, ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री का फैसला

ISIS से जुड़े परिवारों के एक सदस्य की वापसी पर दो साल का प्रतिबंध, ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री का फैसला

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सीरिया के एक निरोध शिविर में रह रहे 34 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं और बच्चों में से एक व्यक्ति के देश लौटने पर दो वर्षों के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश “टेम्पररी एक्सक्लूजन ऑर्डर” (अस्थायी बहिष्करण आदेश) के तहत जारी किया गया है, जो सरकार को विशेष परिस्थितियों में किसी नागरिक की वापसी को सीमित अवधि तक रोकने का अधिकार देता है।

मंत्री बर्क ने कहा कि सरकार प्रत्येक मामले की अलग-अलग और गहन समीक्षा करती है तथा सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं है, बल्कि दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। इस दौरान संबंधित व्यक्ति की पृष्ठभूमि, सुरक्षा जोखिम और अन्य संवेदनशील पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

गौरतलब है कि सीरिया के अल-होल और अन्य निरोध शिविरों में वे महिलाएं और बच्चे रह रहे हैं जिनके परिजन कभी आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़े रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सरकार पहले भी चरणबद्ध तरीके से कुछ महिलाओं और बच्चों को वापस ला चुकी है। हालांकि हर वापसी से पहले विस्तृत सुरक्षा जांच और कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।

सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, मानवाधिकार संगठनों और कुछ राजनीतिक दलों ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि शिविरों में रह रहे बच्चों और महिलाओं की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ऑस्ट्रेलिया सहित कई पश्चिमी देशों के लिए जटिल चुनौती बना हुआ है। एक ओर सुरक्षा चिंताएं हैं, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय दायित्वों का पालन भी आवश्यक है।

सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी प्रत्येक मामले में सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और जोखिम आकलन के आधार पर ही निर्णय लिए जाएंगे, ताकि देश की सुरक्षा और कानूनी दायित्वों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।