ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया भर में चर्चा का विषय बने एक ऐतिहासिक कदम की घोषणा की है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए नए आयु सुधार कानून का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अब बच्चों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर खाता खोलने की अनुमति कम से कम 16 साल की उम्र के बाद ही मिलेगी।
सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए लिया गया है। बीते वर्षों में कई शोधों ने यह उजागर किया है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है। साइबर बुलिंग, ऑनलाइन शोषण, और अनुचित सामग्री तक पहुँच जैसी समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।
ऑस्ट्रेलिया की इस पहल की गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोप के कई देशों के नेता इस कानून को अपने यहाँ लागू करने पर विचार कर रहे हैं। विश्व नेता मानते हैं कि अगर बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से नियंत्रित किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियाँ अधिक सुरक्षित और संतुलित वातावरण में पनपेंगी।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का यह अभियान केवल ऑस्ट्रेलियाई बच्चों तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य है कि पूरी दुनिया मिलकर बच्चों की सुरक्षा के लिए एक साझा नीति अपनाए। उन्होंने कहा –
"सोशल मीडिया कंपनियों की ज़िम्मेदारी है कि वे समाज के नन्हें सदस्यों की सुरक्षा करें। ऑस्ट्रेलिया पहला देश होगा जिसने यह साहसिक कदम उठाया, लेकिन हम चाहते हैं कि विश्व समुदाय भी हमारे साथ आए।"